धान के पौधों की रोपाई करती महिलाएं।
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सिंचित क्षेत्रों में इन दिनों धानकी रोपाई का काम जोरों पर है। महिला और पुरुष रोजाना आठ से दस घंटे तक तपती धूप में हाड़तोड़ मेहनत कर रहे हैं। महिलाएं सुबह खेतों में चली जाती हैं और देर शाम ही घरों को लौट रही हैं। खेतों की जुताई में लगे बैल भी गर्मी से बुरी तरह हांफ रहे हैं।
मालूम हो कि इन दिनों बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ ब्लॉक के कत्यूर घाटी में धान की रोपाई का काम जोरों पर है। जिन क्षेेत्रों में नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी है वहां खेतों को तैयार करने में किसानों को ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है लेकिन जिन नहरों में पानी कम है। वहां किसानों को गर्मी खासे परेशान किए हुए है। धान के पौधों की रोपाई के लिए महिलाएं घर के सारे काम निपटाने के बाद खेतों में जाती हैं और देर रात ही घरों को लौट रही हैं।