बागेश्वर। जिले में बुलेट प्रेमियों के रेट्रो साइंलेंसर का शौक तेजी से बढ़ रहा है। रेट्रो साइलेंसर से निकली वाली तेज आवाज जिले की शांत फिजाओं को अशांत करने का कार्य कर रही है।
साल 2025 में अब तक पुलिस ने पूरे जिले में 90 से अधिक बुलेट वाहनों को सीज कर उनके रेट्रो साइलेंसर उतरवाए हैं। बावजूद उसके जिले में रेट्रो साइलेंसर का प्रयोग थम नहीं रहा है।
जिले में बुलेट वाहन के शौकीनों की संख्या बढ़ते जा रही है। बुलेट वाहनों के संचालक बुलेट में रेट्रो साइलेंसर लगाकर कानफोड़ू आवाजें निकालकर नगर ओर ग्रामीण क्षेत्रों के शांत वातावरण को अशांत कर रहे हैं।
बुलेट के रेट्रो साइलेंसर से निकलने वाली आवाज उसके शौकीनों को राहत दे रही है लेकिन नवजात शिशुओं और बीमार बुजुर्गों को इस आवाज से शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस प्रशासन की ओर से ऐसे बुलेट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वाहनों में लगे रेट्रो साइलेंसर उतरवाए जा रहे हैं।
साल 2025 में कोतवाली पुलिस बागेश्वर ने 63 और कपकोट थाने की पुलिस ने 27 बुलेट वाहनों के रेट्रो साइलेंसर उतरवाकर संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। लेकिन तब भी जिले में रेट्रो साइलेंसर लगाने के मामले में कमी नहीं आ रही है।