अधिकारियों की बैठक लेते डीएम।
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वन भूमि हस्तांतरण संबंधी बैठक में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने अधिकारियों को वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों को स्वयं प्रयास कर निस्तारित करने के निर्देश दिए। कहा कि वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। कहा कि जिन मोटर मार्गों के प्रस्तावों को बिना किसी आपत्ति के नोडल से वापस भेजा जा रहा हैं ऐसे प्रस्तावों के संबंध में उनकी ओर से नोडल को पत्र जारी करें। उन्होंने पेयजल निगम के अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताई।
बैठक में लोनिवि कपकोट प्रखंड की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यहां के चार प्रस्ताव नोडल अधिकारी के स्तर से लंबित हैं। दो प्रस्तावों की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। लंबित प्रस्तावों के बारे में बताया गया कि पटवारी के स्तर से भूमि की पैमाईश नहीं हो पाई है। डीएम ने उपजिलाधिकारी को क्षेत्रीय पटवारी को निर्देशित करने को कहा। अधिशासी अभियंता कपकोट की धीमी कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें चेतावनी देते हुए अगली बैठक में लंबित प्रस्तावों पर कार्रवाई से अवगत कराने को कहा।
उन्होंने ईई लोनिवि बागेश्वर, कपकोट एवं ईई पीएमजीएसवाई को वन भूमि हस्तांतरण के शेष प्रस्तावों को कार्यवाही पूर्ण होने पर ऑनलाइन प्रक्रिया करने को कहा।
बैठक में कठपुडियाछीना -रैखोली तथा मच्छी बगड़ -ग्वालदे मोटर मार्गों की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। लोहारी-सिल्ली-कनस्यारी का प्रस्ताव वन विभाग को प्रेषित कर दिया गया है। चार प्रस्ताव भारत सरकार स्तर पर लंबित हैं। बताया गया कि दाबू-हड़ाप मोटर मार्ग के लिए वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। आपत्तियों के कारण सैद्धांतिक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। पुरडा -जिंतोली मोटर मार्ग का सर्वे हो चुका है विवाद के कारण कार्य में प्रगति नहीं हो पाई है। बैठक में अपर जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी, ईई आरके पुनेठा, केके तिलारा, राजेंद्र प्रसाद, सहायक अभियंता कपकोट ओंकर पांडे आदि मौजूद थे।