नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत वीरांगना ग्राम पंचायत महिला जनप्रतिनिधि संगठन की बागेश्वर कलस्टर की बैठक सैंज में हुई। इसमें महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने गांवों में विकास कार्य नहीं होने पर आक्रोश जताया। ग्राम प्रधानों ने कहा कि विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजने के बाद भी सरकार अनदेखी कर रही है।
द हंगर प्रोजेक्ट के सहयोग से ग्रामीण उत्थान समिति की ओर से आयोजित बैठक में महिला जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सैंज और भतरौला में निकास नाली नहीं बनने से गांव को खतरा बना हुआ है। गांवों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है।
कहा कि कुछ माह तक कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन लगाया गया, लेकिन अब एक माह से गाड़ी नहीं आ रही है। लोग नदी में कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। महिलाओं ने सड़कों और गलियों में आवारा जानवरों के कारण हो रही परेशानी पर भी चर्चा की।
कहा कि शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण नगरवासियों से लेकर ग्रामीण भी आवारा जानवरों के कारण परेशान हैं। जानवर गांवों में फसलों को बर्बाद करते हैं।
अध्यक्ष अनीता के संचालन में हुई बैठक में ग्राम प्रधान अनीता, नीमा, इंद्रा, जयंती, सदस्य ऊषा, नीमा, मीना, विमला, पुष्पा, रजनी, बसंती, खिमुली, लीला, सरस्वती, प्रेमा, बसंती कपकोटी, तारा दानू, अनीता, बरखा आदि थे।