गड्ढों व मलबे से पटी गडेरा-गुलम परगढ़ सड़क।
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प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी ब्लाक में लंबे समय से बंद पड़ी कई सड़केें अभी तक नहीं खुल सकी हैं। ब्लाक में भयूं-गडेरा और शरण-बघर सड़क नहीं खुलने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई से सड़कें शीघ्र खोलने की मांग की है। सड़कें शीघ्र सुचारु न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
गडेरा गांव के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र सिंह ने बताया कि भयूूं से गडेरा तक की सड़क पीएमजीएसवाई के पास है। यह सड़क गडेरा तक ही खुली है। गडेरा से आगे गुलम-परगड़-नरगड़ा तक का हिस्सा लोनिवि के पास है जो पिछले एक पखवाड़े से बंद पड़ा है। सड़क के न खुलने से गांव में जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पा रहा है। सड़क को शीघ्र खोलने की कई बार मांग कर दी गई है लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने सड़क शीघ्र सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। दूसरी पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बनाई जा रही शरण-बघर सड़क जगह-जगह पर ध्वस्त हो गई है। सड़क के मलबे से गांव का पैदल और खच्चर मार्ग भी जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त हो गया है।
रास्ते का पुनर्निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को झाड़ियों को पकड़ कर जाना पड़ रहा है। खच्चर मार्ग ठीक नहीं होने से गांव में अब जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई से पैदल और खच्चर मार्ग का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की मांग की हैं। मांग शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में प्रधान बसंती देवी, जानकी देवी, बीडीसी सदस्य शेर सिंह बिष्ट, कुंदन दानू, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र बघरी, नारायण सिंह और गोविंद राम आदि शामिल हैं।