बागेश्वर। जिले में तेंदुओं की बढ़ती तादाद और मानव-वन्य जीव संघर्ष के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने जिले में रेस्क्यू सेंटर (बाड़ा) बनाने को मंजूरी दे दी है।
जैविक उत्पाद परिषद के उपाध्यक्ष भूपेश उपाध्याय की मांग पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने डीएफओ को रेस्क्यू सेंटर के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिले में पिंजरों की संख्या बढ़ाने को भी कहा है। तीन मई को कांडा के माणा कभड़ा गांव में तेंदुए ने चार साल के बच्चे को निशाना बना लिया था। इससे पूर्व भी जिले में तेंदुए के हमले में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हर साल होने वाली इन घटनाओं के बाद तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाते हैं। पकड़े गए तेंदुए को जांच के लिए रेस्क्यू सेंटर रानीबाग (हल्द्वानी) भेजना पड़ता है। उपाध्याय ने वन मंत्री से मुलाकात कर बताया कि जिले में जिस तेजी से तेंदुओं की संख्या और उनके गांवों में दिखने की घटनाएं बढ़ रही हैं, उसी के अनुरूप पिंजरों की भी जरूरत है।
उनके अनुरोध पर तत्काल वन सचिव उत्तराखंड को फोन पर प्रदेश के सभी जिलों में तेंदुआ बाड़ा या रेस्क्यू सेंटर बनाने का प्रस्ताव अविलंब बनाने के निर्देश दिए।