बागेश्वर। जिपं सदस्य नीमा गढि़या को दो स्थानों पर नाम दर्ज होने के मामले में बड़ी राहत मिली है। जिला न्यायाधीश सुबीर कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने मामले के तथ्यों और विधिक बिंदुओं का बारीकी से परीक्षण करने के बाद पाया कि उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह वाद स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने मामले से जुड़े सभी प्रार्थना पत्र भी निरस्त कर दिए हैं।
अदालत में इस मामले में उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत लंबी सुनवाई हुई। इस दौरान प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता और प्रतिवादी संख्या दो से छह की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णयों पर विचार करते हुए याचिका को खारिज करने का आदेश दिया।