बागेश्वर। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का उरेडा से हस्तांतरित ग्रामों में बिजली सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है। योजना के तहत बिजली कर्मचारी जीआई वायर को बदलना, टेड़े पोलों को सीधा करना और अधिक लंबे स्पानों में एलटी पोल लगाने का कार्य कर रहे हैं।
सोमवार को कपकोट क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम कर्मी, बघर, लीती और गोगिना बिजली लाइन सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया। उरेडा से संचालित ग्रामों की बिजली यूपीसीएल को हस्तांतरित करने के कार्य का 23 अक्तूबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शिलान्यास किया। योजना के क्रियान्वयन के लिए 274.90 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
इस कार्य के लिए पांच क्षेत्रों में अलग-अलग निविदा आमंत्रित की गई थी। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता भाष्कर पांडे ने बताया कि सुदृढ़ीकरण के कार्य से उरेडा द्वारा निर्मित जर्जर लाइनों में सुधारीकरण किया जाएगा। न्यूट्रल में लगे जीआई वायर बदलने से लाइन की क्षमता में बढ़ोतरी होगी और बेहतर वोल्टेज मिलेगा। बताया कि योजना के तहत हरसिला क्षेत्र के जगथाना, बैसानी, उडियार, लामाबगड़, पौसारी, सुमती, बैसानी, कन्यालीकोट, नान, काफलखड़िक, हरसिंगाबगड़ क्षेत्र में लीती, जैंती, गोगिना, मल्खाडुंगर्चा, रातिरकेटी, सतगढ़, हाम्टीकापड़ी, कट्यूड़ा, बघर क्षेत्र में बघर, दोबाड़, ढोक्तीगांव, तोली, तिलाड़ी, सुलमती, फुलवारी, सरण, गोदियाधार, मीरी, पौसानी, कर्मी क्षेत्र में लोरा, सापुली, गुट्ठन, टानी, पयातोली, भयात और धुर क्षेत्र में वाछम, उनिया, धुर, खाती, जैकुनी, रिटंग, भटंग, सरणी, उमला आदि में गांवों में कार्य होगा।
बिजली चोरी रोकने के लिए ऊर्जा निगम कर रहा केबलीकरण
बागेश्वर। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) बिजली लाइन से अवैध संयोजन लेने वाले लोगों पर लगाम लगाने के लिए केबलीकरण का कार्य कर रहा है। आमतौर पर बिजली के नंगे तारों से लोग अवैध संयोजन ले लेते हैं। ऊर्जा निगम बिजली चोरी रोकने के लिए नंगे तारों पर केबलीकरण का कार्य कर रहा है। बागेश्वर में केबलिंग का कार्य हो गया है। भराड़ी समेत कपकोट के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में केबलीकरण का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। ऊर्जा निगम के अनुसार कौसानी में केबलीकरण करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही कौसानी में भी केबलीकरण का कार्य किया जाएगा। बिजली लाइन में केबलीकरण का उद्देश्य करंट लगने की घटनाओं को कम करना और बिजली लाइन का सुदृढ़ीकरण करना भी है।
चार वर्षों में बिजली चोरी के तीन मामले, 82 हजार जुर्माना वसूला
पिछले चार वर्षों में जिले में बिजली चोरी के तीन मामले सामने आए हैं। ऊर्जा निगम ने इन तीनों मामलों में 82 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। आंकड़ों के मुताबिक ऊर्जा निगम ने वर्ष 2017 में जिला मुख्यालय स्थित बाजार क्षेत्र में बिजली चोरी करते पाए जाने पर एक मामले में आठ हजार रुपये जुर्माना वसूला। वर्ष 2018 में बिजली चोरी का कोई मामला सामने नहीं आया। वर्ष 2019 में अवैध संयोजन के माध्यम से बिजली चोरी करने के दो मामले पकड़े गए। पहला मामला कपकोट सब डिवीजन के अनर्सा में सामने आया। ऊर्जा निगम ने इस मामले में 11 हजार रुपये जुर्माना वसूला। दूसरा मामला कौसानी में पकड़ा गया। इस मामले में 64 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। वर्ष 2020 में अब तक बिजली चोरी का कोई मामला सामने नहीं आया है।
बिजली चोरी रोकने, करंट लगने का खतरा कम करने और लाइन की मजबूती के लिए केबलीकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। बिजली चोरी करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - भाष्कर पांडेय, ईई, ऊर्जा निगम बागेश्वर