बागेश्वर। बागेश्वर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होने से मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन, मनोचिकित्सक, यूरोलॉजिस्ट आदि के स्वीकृत पदों पर विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं होने से मरीजों को जिला चिकित्सालय से हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
सीटी स्कैन की सुविधा न होने से हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों का बागेश्वर में कोई इलाज नहीं हो पाता। हादसे में गंभीर रूप से घायलों को हायर सेंटर रेफर करना डॉक्टरों की मजबूरी है। हाल में सीएमओ कार्यालय से सीटी स्केन लगाने का प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजा गया है। इसको अभी हरी झंडी नहीं मिली है। जिला अस्पताल के पास वर्ष 2013 में ट्रामा सेंटर का भवन बनाया गया था। सुविधाएं न जुटने से अब तक ट्रामा सेंटर का संचालन नहीं हुआ है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एलएस बृजवाल ने बताया कि हर माह करीब 25 से 30 लोगों को अस्पताल से हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। वहीं जिले के कपकोट, कांडा, बैजनाथ में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मात्र रेफर सेंटर साबित होकर रह गए हैं।