नेशनल प्लान ऑफ एक्शन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को रीमा स्थित खड़िया फैक्ट्री मैदान में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणि राय ने खान मालिकों से कहा कि मजदूरों को पीने का साफ पानी, मिले। यह उनका अधिकार है। इस पर सभी खान मालिकों को ध्यान देना होगा। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से अपना रजिस्ट्रेशन कराने को कहा। असुविधा होने पर वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से नियुक्त पैरालीगल वालंटियर (पीएलवी) से शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने मजदूरों को कारखाना अधिनियम 1948, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम बताया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश सिंह ने श्रमिकों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 23 से मिला समानता का अधिकार बताया। कहा कि किसी भी श्रमिक के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्थायी, अस्थायी महिला कर्मकार को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश मिलता है। बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनोद भट्ट ने तहसीलों में खुले लीगल क्लीनिक की जानकारी दी। मजदूरों को प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित कानूनी ज्ञानमाला की किताबें बांटी गईं। वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने शिविर का संचालन किया।
वहां प्राधिकरण की सचिव ज्योत्सना, बार एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी, एडवोकेट बसंत बल्लभ पाठक, पीएनवी खनन कारपोरेशन के प्रबंधक कमलेश श्रीवास्तव, बलवंत सिंह, कमला देवी, पीसी पाठक, आरएस चौहान, अशोक कुमार सिंह समेत खड़िया की खानों के मजदूर मौजूद थे।