बागेश्वर। तीन बार की नोबेल पुरस्कार विजेता रेडक्रॉस सोसायटी का जन्म मानवता की सेवा के लिए हुआ था। यह संस्था पूरे विश्व में मानव कल्याण के कार्य कर रही है। जिले में भी सोसायटी ने कोरोना काल से मानवता की सेवा के लिए कई कार्य किए हैं और आज भी रेडक्रॉस जिले के जरूरतमंदों का मजबूत सहारा बनी है।
रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना सर हेनरी ड्यूनेंट ने वर्ष 1863 में जेनेवा में की थी। एक युद्ध के दौरान घायल सैनिकों का कोई मददगार न होने पर उन्हें यह विचार आया। स्थापना के बाद से रेडक्रॉस ने विश्व पटल पर अलग पहचान बनाई है। सर ड्यूनेंट का जन्म आठ मई 1828 को हुआ था। विशिष्ट उपलब्धि के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके जन्मदिन पर हर साल आठ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।
जिला सचिव आलोक पांडेय ने बताया कि जिले में रेडक्रॉस सोसायटी वर्ष 2005 से कार्य कर रही है। अप्रैल 2020 से कोरोना काल में भी रेडक्रॉस ने जरूरतमंदों की मदद की। तब स्वयंसेवियों ने निजी खर्चों से राशि जमा कर राशन, सब्जी आदि सामग्री खरीदकर कई लोगों को बांटी। अन्य लोगों की मदद मिलने पर सोसायटी ने जिले में राशन, मास्क, दवाएं, कोविड किट रोजाना बांटी। आपदा में भवन क्षतिपूर्ति, रक्तदान, स्वच्छता अभियान, गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण में संस्था के स्वयंसेवी हाथ बंटाते हैं। इसी कारण प्रदेश की एकमात्र एंबुलेंस जिले को मिली है।
पांच दिन में 300 मीटर लंबा ढुंगगाड़ गधेरा साफ
बागेश्वर। मंडलसेरा के ढुंगगाड़ को साफ करने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी ने रविवार को पांचवें दिन भी साप्ताहिक स्वच्छता अभियान चलाया। रेडक्रॉस के स्वयंसेवी 300 मीटर दूरी तक गधेरे को साफ कर सके हैं। गधेरे में कई वर्षों से जमा कचरा, प्लास्टिक और झाड़ियां अभियान में चुनौती पेश कर रहीं हैं। रेडक्रॉस सोसायटी के जिला सचिव आलोक पांडेय ने बताया कि वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा के मार्गदर्शन में स्वयंसेवी प्रत्येक रविवार को सुबह सात बजे से नौ बजे तक गधेरे की सफाई कर रहे हैं। मलड़ा ने स्वयंसेवियों को रेक, कुदाल, हजारा, कटर प्रदान किया। इस दौरान चेयरमैन संजय साह जगाती, कोषाध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, डॉ. हरीश दफौटी, डॉ. केएन कांडपाल, कन्हैया वर्मा, राजीव निगम, हिमांशु जोशी, कवि कांडपाल, कृष्णा पांडेय, ओजस्विनी पांडेय आदि रहे।