अंग्रेजी हुकूमत के दौरान तहसील मुख्यालय पर बने लोनिवि के डाक बंगले की हालत खराब हो गई है। बंगले की छत पर लगी लोहे के टिनों में जंक लग गया है। इसके बगल में खड़े पीपल के पेड़ की मोटी टहनियों, जड़ों से भवन की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र के लोग भवन के पुनर्निर्माण की मांग करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने विधायक ललित फर्स्वाण से भवन के पुनर्निर्माण की मांग की है।
अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में तहसील मुख्यालय पर दो शूूट वाले डाक बंगले का निर्माण किया था। बंगला लोनिवि के अधीन है। तहसील मुख्यालय पर सरकारी बंगला न होने के कारण अधिकतर वीआईपी, वीवीआईपीपी समेत देशी, विदेशी पर्यटक इसी बंगले में ठहरते हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान सीएम हरीश रावत, पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, बीसी खंडूरी बंगले में अपना कैंप कर चुके हैं। भवन की छत पर लगे टिन गलने लगा है।
छत टपकने के कारण लोनिवि ने तीन साल पहले टिनों पर टल्ली डाली है, हालांकि सीएम के आने पर भवन में रंगरोगन कर दिया जाता है। भवन के पास में पीपल का विशालकाय वृक्ष है। इस पेड़ की टहनियां, जड़ें काफी मोटी हो गई हैं। इससे भवन को जाने वाले रास्ते, आंगन में दरारें पड़ गई हैं।
पेड़ की जड़ें भवन के नीचे पहुंच गई हैं। इस कारण भवन गिर भी सकता है। भाजयुमो के नगर अध्यक्ष तनुज तिरुवा, वरिष्ठ व्यापारी गिरीश बिष्ट, त्रिलोक कपकोटी, हरेंद्र बिष्ट, रघुवीर बिष्ट, नारायण प्रसाद तिरुवा, बबलू वर्मा, रतन सिंह कपकोटी आदि ने शासन, लोनिवि से बंगले का शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की है। वहीं विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि भवन के पुनर्निर्माण की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।