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Bageshwar News: जिला अस्पताल के ब्लडबैंक में खून होने के बाद भी घंटों दौड़ाया

Wed, 17 Apr 2024 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। बागेश्वर के जिला अस्पताल के ब्लडबैंक के अजीब हाल हैं। ब्लड बैंक में खून होने के बाद भी मरीजों को भटकाया जा रहा है। मरीजों के परिजनों के सामने पहले ब्लड डोनेट कराने की शर्त रखी जा रही है। ब्लड बैंक में खून उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों के परिजनों को भटकना पड़ रहा है। यहां हमेशा खून की कमी होना आम बात हो गई है।
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मामला मंगलवार का है। जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे बीमारी से जूझ रही भावना देवी (41) पत्नी कैलाश उपाध्याय निवासी नदीगांव (बागेश्वर) को चिकित्सकों ने तीन यूनिट खून चढ़ाने की जरूरत बताई। मरीज को बी पॉजिटिव खून की जरूरत थी। परिजन ब्लडबैंक पहुंचे तो ब्लडबैंक के कर्मचारियों ने परिजनों से डोनर लाने की बात कही। कहा कि पहले ब्लडबैंक को खून दिलाओ, उसके बाद ही ब्लडबैंक से खून दिया जाएगा। परिजनों ने मरीज को खून चढ़ाने के लिए रक्त देने की मांग करते हुए बाद में डोनर उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन रक्तकोष कर्मचारियों ने खून देने से साफ इंकार कर दिया। इस पर ब्लडबैंक के कर्मचारी और परिजनों के बीच बहस भी हुई।

बाद में परिजनों ने रेडक्राॅस सोसायटी से संपर्क साधा। रेडक्राॅस सोसायटी के सदस्य कन्हैया वर्मा ने सोशल मीडिया ग्रुपों में संदेश प्रसारित किया। घंटों इंतजार के बाद दोपहर करीब साढ़े बारह बजे नगर के दीपक चौधरी और दो बजे सुशीला मेहरा युवती ने एक-एक यूनिट ओ पॉजिटिव रक्त मरीज के लिए डोनेट किया। कांडाधार के चंद्रशेखर ने भी एक यूनिट रक्त दिया। तब जाकर मरीज को ब्लडबैंक से रक्त मिल सका। संवाद
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कभी भी क्षमता के अनुसार नहीं रहता रक्त
बागेश्वर। बागेश्वर के ब्लडबैंक में कभी भी पर्याप्त मात्रा में खून नहीं रखा जाता है। ब्लडबैंक में हमेशा खून की कमी बनी रहती है। रक्तदान शिविरों में यदि डोनरों की संख्या अधिक भी हो तो 10-15 यूनिट रक्त लेने के बाद बाकी को प्रतीक्षा सूची में डाल दिया जाता है। जिला अस्पताल के ब्लडबैंक की क्षमता 150 यूनिट की है, लेकिन कभी भी 10-20 यूनिट से अधिक रक्त उपलब्ध नहीं होता। मंगलवार को ब्लडबैंक में ए पॉजीटिव 11 यूनिट, बी पॉजीटिव चार, ओ पॉजिटिव पांच यूनिट और एबी पॉजिटिव का दो यूनिट ही खून उपलब्ध था। संवाद


कोट

ब्लडबैंक में रिजर्व में खून रखने के लिए मरीज के तीमारदार से किसी भी ग्रुप का तीन यूनिट रक्त दिलाने को कहा गया था क्योंकि बी पॉजिटिव ग्रुप का कोई और मरीज आ जाता तो दिक्कत आती। ब्लडबैंक में रक्त खराब होने की आशंका के चलते क्षमता के अनुसार रक्त नहीं रखा जाता।
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- डॉ. सावित्री शुक्ला प्रभारी ब्लडबैंक बागेश्वर
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