बागेश्वर के चौरा गांव में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
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कांडा/कपकोट/बागेश्वर। कपकोट, कांडा और चौंरा में पहले से रामलीला शुरू हो रही है। अब मंगवाल से भराड़ी में भी रामलीला शुरू हो गई है।
जिले के चौरा में चल रही रामलीला में सातवें दिन बाली वध समेत अन्य प्रसंगों का मंचन किया गया। श्रीराम सुग्रीव से बाली को युद्ध करने के लिए ललकारने के लिए कहते हैं। सुग्रीव बाली को युद्ध के लिए ललकारता है तो श्रीराम तीर चलाकर बाली का वध कर देते हैं। उसके वध के बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बना देते हैं।
श्रीराम का अभिनय पंकज धपोला, लक्ष्मण का लक्ष्मण डसीला, भरत का अर्जुन डसीला, शत्रुघन का पीयूष धपोला, सीता का भूपेश डसीला, हनुमान का गोविंद धपोला और रावण का अभिनय पूरन सिंह कालाकोटी ने किया। इस वर्ष रामलीला 49वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। वहां रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र धपोला, सचिव मनोज धपोला, व्यवस्थापक मनोज धपोला, कोषाध्यक्ष प्रभुदयाल गढ़िया आदि थे।