फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bageshwar News: प्रदेशभर के बागानों में महकेगा रमाड़ी का संतरा

Sun, 14 Dec 2025 11:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

बागेश्वर। कपकोट तहसील के रमाड़ी में उत्पादित होने वाले संतरों की महक अब प्रदेश भर के बागानों में महकने वाली है। उद्यान विभाग की ओर से जिले में रमाड़ी के संतरों की अलग ब्लॉक तैयार कर पौध तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पौध तैयार करने के लिए विभाग की नर्सरी में जंबीर के पौधे तैयार कर उनमें रमाड़ी के संतरे की ग्राफ्टिंग की जाएगी।
एडीजी उद्यान डॉ. आरके सिंह ने बीते दिनों कुमांऊ के चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न स्थानों में बागवानी की संभावनाओं को तलाशा। इस दौरान उन्होंने जिले में विभिन्न किसानों की बागवानी का निरीक्षण कर उनसे सुझाव एकत्र किए। उन्होंने शामा क्षेत्र के रमाड़ी में संतरा उत्पादन करने वाले किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उत्पादित होने वाले संतरे की किस्म को पूरे प्रदेश में फैलाने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
विज्ञापन

इसके तहत रमाड़ी और के संतरे को प्रदेशभर में फैलाने के लिए राजकीय पौधालय बागेश्वर में रमाड़ी संतरों का दो हजार पौधों का नर्सरी ब्लॉक और बडिंग पौधे तैयार करने के लिए एक हजार जंबीर के पौंधों का मदर ब्लाॅक स्थापित किया जाएगा। जिसमें रमाड़ी के संतरों के पेड़ों की ग्राफ्टिंग को तैयार कर जलवायु के आधार पर चिह्नित स्थानों में फैलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि संतरे की किस्म को सीडिंग के माध्यम से पुनर्जीवित करना संभव नहीं है। सीडिंग के माध्यम से संतरे की किस्म में बदलाव की संभावना बनी रहती है। जंबीर का पौधा संतरे के लिए रूट स्टार्ट का कार्य करता है।


रमाड़ी के संतरों की दिल्ली के बाजारों तक है मांग
रमाड़ी गांव संतरों के लिए देशभर में मशहूर है। यहां के संतरे अन्य संतरों की तुलना में रसीले, मीठे और खुशबूदार होते हैं। संतरों की मांग प्रदेश के अलावा दिल्ली के बाजारों तक रहती है। संतरे खरीदने के लिए हल्द्वानी और दिल्ली के व्यापारी खुद गांव तक पहुंचते हैं। इस वर्ष भी गांव में 500 क्विंटल से अधिक संतरे का उत्पादन हुआ है।

....इनसेट
मदर ब्लॉक की स्थापना के लिए शुरू हुई तैयारी
उद्यान विभाग के एडीजी के निर्देश पर जिले में उद्यान विभाग ने रमाड़ी के संतरों की मदर ब्लॉक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला उद्यान अधिकारी हरीश चंद्र आर्या ने बताया कि मदर ब्लॉक बनाने के लिए रमाड़ी से संतरों के बीज और जिले के विभिन्न स्थानों से जंबीर के बीज एकत्र किए जा रहे हैं। जल्द ही मदर ब्लॉक स्थापित कर पौध तैयार की जाएगी।
विज्ञापन


.....कोट
बीते दिनों कुमांऊ के पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिलों का भ्रमण किया। इस दौरान रमाड़ी और उससे लगे पिथौरागढ़ क्षेत्र के गांवों में उत्पादित होने वाले संतरे की किस्म का अवलोकन किया। संतरे की मिठास, महक और रसीला होना राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है। संतरे की किस्म को बढ़ावा देने के लिए बागेश्वर में इसकी मदर ब्लॉक स्थापित की जाएगी। - डॉ. आरके सिंह, एडीजी उद्यान विभाग


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें