बागेश्वर। आठ सूत्री मांगों को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठे श्रमिकों ने चौथे दिन नगर में जुलूस निकाला। जिले के विभिन्न गांवों से महिलाएं भी कामकाज छोड़कर जुलूस में शामिल हुईं। नगर में नारेबाजी कर श्रमिकों की भीड़ जिला कार्यालय पहुंची। जिला कार्यालय परिसर में हुई सभा में मजदूरों ने सभा के माध्यम समस्याओं का निदान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण मजदूर संघ से जुड़े श्रमिक लंबे समय से श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद मांगें पूरी न होने पर आक्रोशित श्रमिकों ने 19 जुलाई से नुमाइशखेत मैदान में बेमियादी धरना शुरू किया। तीन दिन तक श्रमिक भारी बारिश के बावजूद धरने पर डटे रहे। बृहस्पतिवार को धरने पर बैठे श्रमिकों ने कोतवाली के पास से कलक्ट्रेट तक विशाल जुलूस निकाला।
जुलूस कोतवाली से होकर स्टेशन मार्ग, एसबीआई तिराहा, सरयू पुल, जिला अस्पताल मार्ग से बागनाथ मंदिर पहुंचा। बाबा बागनाथ और बाबा काल भैरव का आशीर्वाद लेकर मजदूर चौक बाजार, गोमती पुल, तहसील मार्ग, विकास भवन मार्ग होते हुए जिला कार्यालय पहुंचा। जहां श्रमिकों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ देने और सभी समस्याओं का निदान करने की मांग की। जुलूस में प्रांतीय महामंत्री रमेश चंद्र जोशी, जिला अध्यक्ष विशन दत्त भट्ट, प्रांतीय संयोजक गणेश सिंह बोरा, नंदन सिंह, नीमा देवी, कमला देवी आदि थे।
बागेश्वर, गरुड़, कांडा और कपकोट से पहुंचे श्रमिक
बागेश्वर। भवन एवं सन्निर्माण मजदूर संघ के जुलूस में शामिल होने को जिले के बागेश्वर, कपकोट, गरुड़ और कपकोट तहसील क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रमिक पहुंचे। भारी बारिश के बावजूद श्रमिकों ने विशाल जुलूस निकालकर अपनी मांगें पूरी करने को आवाज उठाई। नगर के भ्रमण के बाद जिला कार्यालय पहुंचे श्रमिकों से कलक्ट्रेट परिसर खचाखच भर गया। कई घंटों तक श्रमिक एक स्वर में अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
कामकाज छोड़कर महिलाएं भी आंदोलन में कूदीं
बागेश्वर। श्रमिकों के हक-हकूक की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष को महिला श्रमिकों का भी साथ मिला। कई गांवों से महिलाएं जुलूस में शामिल होने पहुंची। महिलाओं की भागीदारी से श्रमिक संघ के पदाधिकारी भी गदगद दिखे। पदाधिकारियों का कहना था कि योजनाओं का लाभ न मिलने से महिला श्रमिकों को भी परेशानी हो रही है।
श्रमिकों की ये हैं मांगें
बागेश्वर। आंदोलित श्रमिकों का कहना है कि पंजीकृत मजदूरों को वर्ष 2018 से स्वास्थ्य, बीमा, पेंशन, अंत्येष्टि, आवास आदि योजनाओं के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। श्रमिकों के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है। नवीनीकरण न होने से मजदूरों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिलाधिकारी से वार्ता के बाद प्रस्तावित अनशन स्थगित
बागेश्वर। श्रमिकों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार से क्रमिक अनशन पर बैठने का एलान किया था। डीएम कार्यालय में श्रमिक पदाधिकारियों की डीएम से वार्ता हुई। डीएम ने मांगों का जल्द निदान कराने का आश्वासन दिया। संयोजक गणेश बोरा ने बताया कि डीएम से वार्ता सकारात्मक रही। डीएम ने चार अगस्त तक का समय मांगा है। इस दौरान उनकी समस्याओं का निदान नहीं होगा तो नुमाइशखेत मैदान में फिर से धरना, प्रदर्शन और अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
सीढ़ियों से गिरकर महिला घायल
बागेश्वर। नगर में हुए श्रमिकों के जुलूस में शामिल होने बृहस्पतिवार को अमोली गांव की भागुली देवी (50) भी आई थी। वह निजी काम से श्रम विभाग के कार्यालय गई, जहां सीढ़ियों पर फिसलने से चोटिल हो गई। उन्होंने अपने गिरने की सूचना दामाद दिनेश कुमार को दी। सूचना पर पहुंचे कांग्रेस प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण ने महिला को अस्पताल पहुंचाया। महिला के हाथ की हड्डी टूट गई थी और सिर पर भी गंभीर चोट थी। बालकृष्ण ने कहा कि विभाग की लापरवाही से महिला चोटिल हुई है। श्रम विभाग की सीढ़ियां कीचड़ से सनी थी और हादसे को दावत दे रही थी। उन्होंने कहा कि हादसे में महिला के हाथ में प्लास्टर और सिर में टांके लगे हैं। अगर जल्द श्रम विभाग ने भागुली देवी को मदद नहीं की तो वह आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट, नंदन राम, महेश पंत, अर्जुन देव, गौरव पाठक, राजा पांडे, चांदनी देवी, सरस्वती देवी आदि थे।