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Bageshwar News: उल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन, बहनों ने बांधी राखी

Sat, 29 Aug 2026 12:34 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। जिलेभर में रक्षाबंधन का पावन पर्व पारंपरिक श्रद्धा, हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। दिनभर शुभ मुहूर्त होने के कारण सुबह से लेकर शाम तक बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की।
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त्योहार के दिन रोडवेज बसों में बहनों ने मुफ्त यात्रा का आनंद लिया। स्थानीय स्तर पर टैक्सी संचालकों ने भी सराहनीय पहल की। दुगनाकुरी क्षेत्र में टैक्सी संचालक नैना, शामा क्षेत्र में पदम और खुनौली मार्ग पर पुरदा ने बहनों को निशुल्क यात्रा कराई। इसके अलावा कपकोट के निजी स्कूल संचालक भरत गढिया ने भी अपनी स्कूल बसों से कपकोट से बागेश्वर तक महिलाओं को मुफ्त सफर कराया। बहनों ने संचालकों को राखी बांधकर उनका आभार जताया।


पेड़ों को माना भाई, बांधी राखी
भारतीय रेड क्रॉस समिति की ओर से पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक अनूठी पहल की गई। रेडक्रॉस की जिलाध्यक्ष और डीएम अपूर्वा पांडेय ने पेड़ों को भाई मानकर उन्हें रक्षासूत्र बांधा और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। रेडक्रॉस के जिला सचिव आलोक पांडेय और चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत यह नवाचार समाज को प्रकृति से जोड़ने का एक संवेदनशील माध्यम है। इस दौरान बहनों की ओर से तैयार की गई राखियां रानीखेत स्थित कुमाऊं रेजीमेंट और सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए भी भेजी गईं। कार्यक्रम में रेड क्रॉस की राखी निर्माण प्रतियोगिता के विजेताओं को डीएम पांडेय ने सम्मानित किया।
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ओपन श्रेणी में भूमिका तिवारी ने पहला, मनीषा बनकोटी ने दूसरा और ममता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में उत्कर्ष पांडेय ने पहला, देव कांडपाल ने दूसरा और शगुन बिष्ट ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डॉ. हरीश दफौटी को चीड़ की छाल से निर्मित विशिष्ट हस्तनिर्मित राखी के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।




श्रावणी उपाकर्म पर जनेऊ बदल किया ऋषि तर्पण
रक्षाबंधन के साथ ही जिलेभर में श्रावणी उपाकर्म पर्व पारंपरिक विधि-विधान से मनाया गया। नगर के राधाकृष्ण मंदिर, कांडा के पालीबग्याली, खोली के काकड़ा और खबडोली समेत विभिन्न स्थानों पर पुरुषों ने एकत्रित होकर ऋषि पूजन और तर्पण किया। इसके बाद पुरानी जनेऊ बदलकर नई यज्ञोपवीत धारण की। ज्योतिषाचार्य डॉ. रमेश कांडपाल ने बताया कि हर सनातनी व्यक्ति जनेऊ धारण करता है।
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