जिले के विभिन्न स्थानों पर सोमवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के चलते कौलाग गांव में एक जबकि गरुड़ में पांच मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा मलबे में दबने से एक बछड़े की मौत हो गई। पटवारी ने घटना स्थल का दौरा कर क्षति की रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी है। कपकोट और गरुड़ क्षेत्र में अधिक बारिश से सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर बढ़ गया। वहीं बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली।
लंबे समय बाद मौसम ने आखिर सोमवार सुबह पलटी मारी। रविवार की रात से ही बादल घिरने शुरू हो गए थे। सोमवार सुबह करीब पांच बजे जिले के कुछ स्थानों पर जमकर बादल बरसे। कपकोट में सर्वाधिक 25 एमएम बारिश हुई। गरुड़ में 20 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
हालांकि बागेश्वर में मात्र ढाई एमएम बारिश ही रिकार्ड की गई। बारिश से कुछ जगहों पर नुकसान की भी खबर है। कौलाग गांव निवासी चम्पा देवी पत्नी कस्तुबानंद का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा गरुड़ क्षेत्र के रियूनी लखमार के प्रधान भुवन जोशी ने बताया कि गांव में तेज बारिश से विमला देवी, माधवी, लक्ष्मण राम, तारा देवी और गीता देवी के मकान मलबे से दो फुट तक पट गए।
वहीं, मलबे में दबने से तारा देवी के बछड़े की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पटवारी संजय कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण कर क्षति की रिपोर्ट तहसीलदार को भेज दी है। सुबह बारिश के बाद दिनभर धूप खिली रही। शाम को बादल घिरने के बाद तेज गरज के साथ कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई।