पौंसारी गांव में अतिवृष्टि कीं घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि लापता तीन लोगों की खोजबीन की जा रही है। विधायक, डीएम, एसपी ने भी घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लिया।
कपकोट तहसील क्षेत्र में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र के पौंसारी गांव में अतिवृष्टि कीं घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि लापता तीन लोगों की खोजबीन की जा रही है। विधायक, डीएम, एसपी ने भी घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लिया। आसपास के अन्य गांवों में भी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा है।
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बृहस्पतिवार की रात को कनलगढ़ घाटी के सुमटि, बैसानी में भारी बारिश हुई। वहीं पौंसारी गांव के खाईइजर तोक में भी भारी बारिश हुई। इस तोक में दो परिवार निवास करते थे। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबे का सैलाब बहकर आया और दोनों घरों को चपेट में ले लिया। वहां रहने वाले छह लोग बह गए।
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई तो आनन-फानन में आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कपकोट में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। जिला मुख्यालय से डीएम आशीष भटगांई, एसपी चंद्रशेखर आर घोड़के समेत प्रशासनिक अमला भी पौंसारी गांव पहुंचा। रेस्क्यू टीम ने मौके से बंसती देवी पत्नी रमेश चंद्र जोशी का शव बरामद किया। एक अन्य महिला बचुली देवी का शव घटनास्थल से करीब दो किमी दूर मिला। शव गधेरे के बीच बने टापू पर अटका था। घटना के बाद से रमेश चंद्र जोशी पुत्र कीर्तिबल्लभ जोशी, गिरीश चंद्र जोशी पुत्र रमेश चंद्र जोशी और पूरन चंद्र जोशी लापता हैं। उनकी खोजबीन की जा रही है। बचूली देवी लापता पूरन चंद्र जोशी की पत्नी है।