बुधवार की शाम हुई मूसलाधार बारिश ने डोबा, धारी व अमसरकोट क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। क्षेत्र में खेत, मोटर पुल व कलमठ सहित पेयजल योजनाएं बह गई। जखेड़ा व अमसरकोट की पेयजल योजनाओं के बहने से बागेश्वर शहर के तहसील रोड और मजियाखेत में अगले चार दिनों तक पानी नहीं आएगा।
बागेश्वर के डोबा सड़क में बना मोटर पुल धारी चौहना के पास बह गया। पुल के स्थान पर खाई बन गई है। धौताड़ी के समीप दो कलमठ बह गए। डोबा, धारी, फल्याटी और अमसरकोट में खेतों में खड़ी फसलें मलबे से दब गई। कई स्थानों पर खेत बह गए हैं। अमसरकोट- बेलाकोट नहर भी बह गई है। गांव गरीब महिला उत्थान मंच के संस्थापक विशन सिंह टंगड़िया ने बताया कि क्षेत्र में लगभग एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। गांव के राजेंद्र, कुंदन, धाम सिंह, केशर सिंह, नंदन, धन सिंह, हरीश सिंह और आनंदी देवी के भवनों को भी क्षति पहुंची है।
मूसलाधार बारिश से गाड़-गधेरों के उफान पर आने से जखेड़ा और अमसरकोट की पेयजल लाइनें भी ध्वस्त हो गई। जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार योजनाओं को दुरुस्त करने में चार से पांच दिन का समय लग सकता है। तीन माह पूर्व आपदा में बुरी तरह से ध्वस्त इन योजनाओं को लाखों की लागत से सुधार किया गया था। दोनों योजनाओं के पाइप बहने से नगर के तहसील रोड और मजियाखेत में अगले चार पांच दिनों तक पानी की आपूर्ति ठप रहेगी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती ने बताया कि क्षतिग्रस्त योजनाओं को जल्दी से जल्दी सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। कल से पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकर से जलापूर्ति की जाएगी।