बागेश्वर। जिले में शुक्रवार की देर रात से शनिवार तड़के तक हुई भारी बारिश से कपकोट में जबरदस्त तबाही मची है। कपकोट के खटगड़ा गधेरे में पुलिया ध्वस्त होने से तीन गांवों की करीब साढ़े तीन हजार की आबादी का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। डिग्री कॉलेज, जीआईसी के लिए आवागमन बाधित हो गया है। खेत और पैदल रास्ते बह गए हैं। भूस्खलन से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। जिला मुख्यालय में भी शुक्रवार की रात को मूसलाधार बारिश हुई।
कपकोट में शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे से शनिवार सुबह तक तेज बारिश हुई। बारिश से कपकोट के खटगड़ा गधेरे में खटगड़ा, बसकूना, असों गांव को जोड़ने वाली पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। यह पुलिया तीनों गांवों को कपकोट तहसील, ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ती थी। पुलिया ध्वस्त होने से तीनों गांवों के लोग एक प्रकार से गांवों में ही कैद हो गए हैं। गधेरे के उफान में आने से गधेरे के दोनों छोरों पर भूस्खलन हुआ है। कई मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
खटगड़ा के भरत सिंह, हरीश सिंह, जीवन सिंह, राजेंद्र सिंह, जनक सिंह, जसपाल सिंह के खेत बह गए हैं। गधेरे में कई पेड़ गिर गए हैं। खटगड़ा गधेरे में आवासीय भवनों की सुरक्षा के लिए बनाई गई सिंचाई विभाग की 20 मीटर सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई है। भूस्खलन से कई पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। बागेश्वर के विनसर में चंदन प्रसाद के आंगन की दीवार ध्वस्त हो गई है। मकान के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।
काफलीगैर में कलवर्ट बंद होने से गणेश रौतेला समेत तमाम लोगों की दुकानों में मलबा घुस गया।
उधर, भैरूचौबट्टा में पुलिया की सुरक्षा दीवार और तल्ला भैरू स्यूनेवाड़ का पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। तिलाड़ी, सिमायल पेयजल योजना की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। कई घरों के लिए खतरा पैदा हो गया है। दफौट में कई पॉलीहाउस क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई घरों में मलबा घुस गया। रास्ते भी बह गए हैं। बसकूना में भी व्यापक तबाही मची है। घरों, खेतों में मलबा पट गया है।
कपकोट के खटगड़ा में क्षतिग्रस्त पुलिया।- फोटो : BAGESHWAR
पकोट के पोलिंग गांव में प्रताप राम की गौशाला में गिरा बोल्डर। - फोटो : BAGESHWAR