बारिश और तेज अंधड़ ने जिले में जमकर तबाही मचाई। अंधड़ से जिले में आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें टूट गई। इससे जिला मुख्यालय बागेश्वर में लगभग छह घंटे बिजली गुल रही। लाइनें टूटने से बिजली विभाग को छह लाख का नुकसान हुआ है।
बागेश्वर शहर और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार की सुबह मौसम मिजाज बदल गया। काफी देर तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। अंधड़ चलने से देवली गांव में देवीदत्त जोशी, कांडा तहसील के विजयपुर कस्बे में राधा देवी के मकान की छत उड़ गई। राधा देवी का मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वजीना गांव में रमेश राम, शंकर दत्त जोशी, सुंदर राम और प्रमोद राम के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
जिला मुख्यालय बागेश्वर में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। अंधड़ के कारण कई स्थानों पर बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। काफलीगैर के कनगाड़छीना के समीप पेड़ गिरने से बिजली की मुख्य लाइन का तार टूटने से पूरे जिले की आपूर्ति ठप हो गई। कपकोट में भी 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया। रीमा, पचार, पेड़ गिरने से कौसानी, गरुड़ क्षेत्र में भी बिजली की लाइनें टूट गई। कपकोट के रीमा, पचार, धपोलासेरा, दफौट, मनकोट में भी लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भास्कर पांडेय ने बताया कि लाइनों के टूटने से विभाग को लगभग छह लाख का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि काफलीगैर में मुख्य लाइन को जोड़ दिया गया है। कपकोट के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लाइनों को जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। जल्दी आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
तेज अंधड़ से मनकोट के समीप एक चीड़ का पेड़ उखड़कर सड़क पर आ गिरा। इससे सड़क पर कुछ देर तक जाम लगा रहा है। यात्रियों, आसपास के लोगों ने बड़ी मशक्कत से पेड़ को सड़क से हटाया। तब जाकर यातायात सुचारु हुआ। द्यांगण गांव में बारिश से आरे बाइपास की पहाड़ी से कुछ पत्थर लुड़ककर वन पंचायत संगठन के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल के घर की छत पर गिर गए। घटना के समय परिवार के सदस्य घर के भीतर ही थे। पत्थर गिरते ही घर में अफरातफरी मच गई। सभी लोग घर से बाहर आ गए। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक ने मौका मुआयना किया।