टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के निर्माण की मांग को संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने जोरदार नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन किया। यहां हुई सभा में केंद्र सरकार से इस लंबित मांग को शीघ्र पूरी करने को कहा। मांग के पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
रविवार सुबह टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता जोरदार नारेबाजी के साथ तहसील प्रांगण में जमा हुए। सभा में वक्ताओं ने कहा कि अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में रेल लाइन का सर्वे हुआ।
आंदोलनों के बल पर पिछली यूपीए सरकार ने इस मांग को राष्ट्रीय योजना में शामिल तो किया लेकिन बजट की कोई व्यवस्था नहीं की। अब केंद्र में मोदी सरकार है वह भी चुप है। इस मांग को लेकर आंदोलन शुरू करने से पहले एक शिष्टमंडल केंद्र सरकार से मिलने जाएगा।
सभा में उत्तरायणी मेले के समापन पर बाहर से आए व्यापारियों से हुई मारपीट, लूटपाट की घटना की निंदा की गई कहा कि इस तरह की घटनाओं से इलाके की छवि को धक्का लगता है। पुलिस प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती से काम करने को कहा गया। वक्ताओं ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। सभा का संचालन महासचिव खड़क राम आर्य ने किया।
वहां हयात सिंह मेहता, डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया, गिरीश चंद्र पाठक, केवल सिंह ड्योड़ी, महेेंद्र पिल्खवाल, प्रवीण दफौटी, मोहन जोशी लक्ष्मी धर्मशक्तू, सरस्वती गैलाकोटी, हेमा जोशी, मीरा रौतेला, तायरा बानो, मालती पांडे, नर सिंह खेतवाल, सोबन सिंह सुगड़ा, सरस्वती गैलाकोटी, ललिता असवाल, विद्या कांडपाल, पार्वती पांगती, गीता मिश्रा, मनोज प्रहरी आदि शामिल थे।