बागेश्वर-टनकपुर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की मासिक बैठक में रेल मार्ग निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई गई। समिति के सदस्यों ने इसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पहाड़ के विकास के लिए शीघ्र रेल लाइन का निर्माण करने की मांग उठाई।
रविवार को तहसील परिसर में अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता और महामंत्री खड़क राम आर्या के संचालन में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि टनकपुर से बागेश्वर के लिए 1912 में ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वे किया गया था। परंतु देश की आजादी के बाद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यूपीए सरकार के दौरान रेल बजट में इस रेल लाइन को राष्ट्रीय महत्व का माना गया, लेकिन निर्माण को लेकर कोई मुहिम नहीं चली। इससे पहाड़ की जनता स्वयं को ठगा सा महसूस कर रही है।
यदि रेल लाइन बिछती तो बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा के लोगों के लिए मैदान से आवागमन सुगम हो जाता। परंतु केंद्र सरकार इस मामले में ध्यान नहीं दे रही है। रेल निर्माण की मांग को लेकर सभी पदाधिकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में गिरीश पाठक, हयात मेहता, प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह, मोहन जोशी, सोबन सिंह, खीम सिंह, डुंगर सिंह, मालती, हेमा जोशी, विद्या कांडपाल आदि शामिल थे। बाद में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण पर आए केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा को रेल लाइन निर्माण को लेकर ज्ञापन सौंपा।