बागेश्वर। बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन निर्माण की उपेक्षा से नाराज संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया। सभी सदस्यों ने रेल लाइन का निर्माण होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। रविवार को तहसील परिसर में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिस रेल लाइन का वर्ष 1912 में सर्वे किया गया, उसका अभी तक निर्माण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन सामरिक महत्व की रेल लाइन है। इससे पहाड़ से हो रहे पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
इसलिए केंद्र सरकार को जल्दी इसका निर्माण करना चाहिए। बैठक में तहसील परिसर में रिक्त चल रहे सब रजिस्ट्रार के पद को भरने, नवसृजित तहसीलों में स्टाफ की कमी, दफौट स्यालडोबा अस्पताल में डॉक्टर व स्टाफ की तैनाती करने की मांग उठाई गई। बैठक में नदीगांव-कफलखेत, मजियाखेत बड़ेत सड़क निर्माण से गिरे मलबे के कारण घरों को पैैदा हो रहे खतरे के बारे में जानकारी दी गई।
संघर्ष समिति के महामंत्री खड़क राम आर्या के संचालन में आयोजित बैठक में हयात सिंह मेहता, प्रवीण सिंह दफौटी, प्रताप गड़िया, मोहन चंद्र जोशी, महेंद्र सिंह पिलख्वाल, खीम सिंह मेहता, सोबन सिंह, मनोज प्रहरी, सूरज चौबे, किशन राम, भुवन चंद्र जोशी, दयाकृष्ण जोशी, डुंगर सिंह नेगी, लक्ष्मी धर्मशक्तू, विद्या कांडपाल, डीके जोशी, मीरा रौतेला, तायरा बानो, ललिता असवाल, सरस्वती, हेमा जोशी, पुष्पा, तुलसी मेहता, मालती आदि थेे।