कांडा-रावतसेरा-बांसपटान सड़क पर बरसात के दौरान किए डामर को हटाते कर्मी।
बागेश्वर। कांडा-रावतसेरा-बांसपटान मोटर मार्ग पर भारी बारिश के बीच किए गए डामरीकरण को लेकर हुए विरोध के बाद लोनिवि हरकत में आ गया है। स्थानीय लोगों और टैक्सी चालकों की ओर से कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद विभाग ने अगले ही दिन संबंधित स्थल पर जेसीबी लगाकर डामरीकरण को उखाड़ना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल और अधिक तेज हो गए हैं।
बांसपटान-भयूं के समीप प्रतिकूल मौसम और भारी बारिश के दौरान डामरीकरण किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य के मानकों पर सवाल उठाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था। लोगों का साफ कहना था कि इस तरह की जल्दबाजी और खराब मौसम में काम होने से सड़क की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है। मामले ने कई गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब मौसम डामरीकरण के अनुकूल नहीं था, तब ऐसी परिस्थितियों में काम क्यों कराया गया? निर्माण कार्य किसके निर्देश पर हुआ और अब रातों-रात उसे उखाड़ने की नौबत क्यों आई? स्थानीय स्तर पर लगातार यह मांग उठ रही है कि लोक निर्माण विभाग पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि काम में तय मानकों का पालन हुआ था या नहीं। साथ ही, लापरवाही बरतने वालों पर सख्त जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
लोनिवि के ईई, ऋषिराज वर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया है। प्रतिकूल मौसम में किए गए कार्य से गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिस स्थान पर डामरीकरण को लेकर आपत्ति आई थी, उस स्थान से काम को हटवा दिया गया है। पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराई जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।