बागेश्वर के जिपं परिसर में धरने के दौरान नारेबाजी करते उपाध्यक्ष और सदस्य। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। हड़ताली जिला पंचायत उपाध्यक्ष और सदस्यों ने जिपं. की नियोजन समिति का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी बजट पास करने पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि कायदे-कानूनों को दरकिनार कर जिला पंचायत को संचालित किया जा रहा है। उपाध्यक्ष और हड़ताली सदस्यों ने एक स्वर से कहा है कि जिपं की अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई होने तक उन लोगों का आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर वह लोग न्यायालय की शरण में जाएंगे। जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार के नेतृत्व में जिपं के आठ सदस्यों ने मंगलवार को आठवें दिन भी जिपं परिसर में धरना दिया। उन्होंने अनियमितताओं के विरोध में नारेबाजी की। जिपं उपाध्यक्ष के साथ ही जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, इंदिरा परिहार, पूजा आर्या, रूपा कोरंगा, रेखा देवी ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में जिला पंचायत में नियोजन समिति का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी नई समिति का गठन न करने का मामला उठाया है।
उनका कहना है कि सात जनवरी 2020 को नियोजन और अन्य समितियों का गठन किया गया था। इन समितियों का कार्यकाल छह जनवरी 2021 को समाप्त हो गया है। सदन में समितियों के गठन का मामला बार-बार उठाने के बाद भी समितियों का गठन नहीं किया जा रहा है। सात अप्रैल 2021 को जिपं अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी ने नियम विरुद्ध नियोजन समिति की वर्चुअल बैठक बुलाकर पंचायतीराज नियमों के विरुद्ध 55 प्रतिशत धनराशि विवेकाधीन कोष के नाम पर रख ली। कहा है कि 15 जून तक 15वें वित्त की कार्ययोजना देने का समय था लेकिन सदस्यों से कार्ययोजना मांगे बगैर मनमाने ढंग से सदस्यों की कार्ययोजना चढ़ा दी गई। अब जानकारी मांगने पर भी सूचना नहीं दी जा रही है। कहा है कि जिपं की अनियमितताओं को लेकर वह लोग 15 जून से धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन लोगों ने डीएम से उनकी मांगों पर गौर करने की अपील की है।
पिछले साल पांच-छह महीने कोरोना में ही चले गए। जिपं की अगली बैठक में नियोजन समिति का पुनर्गठन किया जाएगा। सदन में ही नियोजन समिति का गठन होता है। - डॉ. सुनील कुमार अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत बागेश्वर।