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पनौरा में सरयू पर पुल निर्माण की जगी उमीद

Sun, 12 Jun 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
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यही से बहा पुल - फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के पनौरा गांव में सरयू पर दो बार गिर चुके स्टील गर्डर पुल के पुनर्निर्माण की फिर उम्मीद जगी है। शासन में लोनिवि सचिव डीएस गर्ब्याल ने लोनिवि कपकोट के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर पुल के पुनर्निर्माण का इस्टीमेट मांगा है। सचिव के निर्देश से लोगों में खुशी है। उनका कहना है कि पुल बनने से जहां उन्हें यातायात की सुविधा मिलेगी, वहीं भराड़ी, कपकोट बाजार में हर पल लगने वाले जाम से भी निजात मिल सकेगी। 
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वर्ष 2007 में पिंडारी सड़क के किमी 21 में एससीपी के तहत पनौरा गांव को यातायात से जोड़ने के लिए 70 मीटर लंबा सिंगल लाइन का स्टील गर्डर पुल और दो किमी लंबी सड़क मंजूर हुई थी। दोनों कामों के लिए शासन ने 289.17 लाख रुपये मंजूर किए थे। पुल का ठेका पिथौरागढ़ के एक ठेकेेदार को मिला था। यह कार्य सात अगस्त 2008 से छह फरवरी 2012 तक पूरा होना था। लोगों ने शुरुआत में ही पुल के अपरमेंटों में घटिया गुणवत्ता की शिकायत की थी।

आरोप था कि अपरमेंटों की बुनियाद सीमेंट, कंक्रीट की जगह बड़े बोल्डरों से भरी जा रही थी। पुल के गर्डर भी जोड़े गए थे। इसके बावजूद लोनिवि ठेकेदार को 1.68 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुुका था। 12 सितंबर 2009 की रात भीषण बारिश हुई तो अगले दिन पुल गिर गया। लोनिवि ने जनवरी 2010 में पुल का निर्माण दोबारा शुरू करवाया। धीमी गति से शुरू हुआ काम लंबा खिंचता गया। 10 जून 2013 की रात आई बाढ़ से पुल के नीचे चार सपोर्ट कॉलमों के लटक गए।
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जिससे पुल डाउनस्ट्रीम की ओर झुुक गया। विभाग ने पुल को बचाने के लिए कुछ सपोर्ट भी लगाए। 13 जुलाई 2013 की रात्रि आई बाढ़ से पुल के सपोर्ट कॉलम से निकल पुल नदी के तेज बहाव में 50 मीटर दूर तक बह गया। दो बार गिरे पुल को विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं हुई। तत्कालीन अधिशासी अभियंता का कहना था कि कार्यसमाप्ति की अवधि छह फरवरी 2012 थी, लेकिन ठेकेदार ने समय वृद्धि के लिए आवेदन पहले नहीं किया।

ठेेकेेदार ने 13 फरवरी को दिए आवेदन में दिसंबर 2013 तक समय वृद्धि का आवेदन किया लेकिन कैंप कार्यालय ने आवेदन नामंजूर कर दिया। विभाग ने ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने के लिए नोटिस जारी किया। जिसके विरोध में ठेकेदार ने कोर्ट की शरण ली। पिछले वर्ष जिला कोर्ट ने ठेेकेदार से वसूली पर रोक लगाकर शासन से जांच कराने के निर्देश दिए। लोनिवि सचिव ने मामले की जांच कराई, जिसमें उन्होंने प्रथमदृष्ट्या तत्कालीन तीन ईई, एक एई, दो जेई को दोषी पाया और मामले की विस्तृत जांच के लिए अभियंताओं की कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट शीघ्र देने के निर्देश दिए हैं। 

पनौरा में सरयू पर मोटर पुल बनने से पनौरा गांव समेत लीली, गैनाड़, गैरखेत, उतरौड़ा, लखमारा आदि गांवों के लोगों को लाभ होगा। बाईपास समेत भराड़ी, कपकोट में हर पल लग रहे जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
- लोनिवि कपकोट के ईई केके तिलारा ने बताया लोनिवि सचिव ने पनौरा में पुल के पुनर्निर्माण का इस्टीमेट भेेजने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए उन्होंने उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को सिंगललेन पुल की बजाय अब डेढ़ लेन पुल बनाने का अनुमोदन मांगा है। बाईपास की भी सुविधा मिलेगी। शासन से अनुमोदन मिलने पर नए सिरे से इस्टीमेट भेजा जाएगा।
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