फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी के लिए प्रदर्शन

Mon, 28 May 2018 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
विज्ञापन
बागेश्वर कलक्ट्रेट में पानी को लेकर प्रदर्शन करती भिटालगांव व चौरासी की महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नगर सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर जल संकट बना हुआ है। पानी की समस्या का से निजात दिलाने करने की मांग को लेकर तहसील रोड की महिलाओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की। उधर भिटालगांव के लोगों ने भी पानी की समस्या के चलते डीएम को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


महिलाओं ने कहा कि जल संस्थान नियमित रूपर से पानी नहीं दे रहा है। एक दिन छोड़कर नलों में पानी आ रहा है जिस कारण उन्हें एक किमी दूर के धारे, हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी जल संस्थान इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। नारेबाजी करने वालों में नीमा दफौटी, गीतांजलि, गंगोत्री, हेमा जोशी, पुष्पा परिहार आदि शामिल थे।

उधर भिटालगांव के ग्रामीण भी जल संकट से परेशान होकर कलक्ट्रेट पहुंच गए। कहा कि गांव में एक जल स्रोत है। इससे भिटालगांव सहित चौरासी, नुमाइशखेत के ग्रामीण पानी भरते हैं। नई बस्ती के कुछ लोग स्त्रोत में पाइप लगाकर अपने घरों को पानी सपलाय कर रहे हैं जिस कारण ज्यादातर लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर एक व्यक्ति उन्हें धमका रहा है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहां पर गिरीश चंद्र, गोविंद सिंह, धीरज सिंह, कुलदीप सिंह, कुंदन सिंह, विनीता तिवारी, शोभा देवी, मुन्नी देवी, लता जोशी, हेमा देवी आदि ग्रामीण शामिल थे।  


नहर नहीं खोली तो खाने के लाले पड़ जाएंगे 
गरुड़ विकासखंड की कनस्यारी-बंड सिंचाई नहर में कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है। पानी न होने के कारण किसानों द्वारा खेत में लगाई गई धान की क्यारियां सूखने की कगार पर है। बंद पड़ी नहर को खोलने को लेकर कोई कार्रवाई न होने से किसान परेशान हैं।  

गरुड़ क्षेत्र में धान की अच्छी खेती होती है। कनस्यारी, बंड, जिनखोला सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में लोग धान की खेती करते हैं। किसानों ने आजकल खेतों में रोपाई के लिए धान की नर्सरियां तैयार की हैं। कनस्यारी, बंड गांव के लिए निर्मित सिंचाई नहर में पानी नहीं आने चलते नर्सरियां सूखने की कगार पर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता शोभा देवी ने बताया कि बंद पड़ी सिंचाई नहर की कोई सुध नहीं ली जा रही है। अगर जल्द ही नहर में पानी नहीं आया तो नर्सरियों में पौध सूख जाएगी जिससे किसानों को खाने के लाले पड़ जाएंगे। परेशान किसानों ने डीएम से बंद पड़ी नहर को खोलने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित करने की मांग की है। ब्यूरो

खरेही पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण जल्द शुरू हो
पेयजल संकट की मार झेल रहे खरेही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने खरेही पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण जल्दी शुरू करने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि खरेही क्षेत्र में पेयजल योजनाएं आबादी के हिसाब से नहीं बनी हैं। यही वजह है कि पूरे साल भर यहां जल संकट बना रहता है। 

कहा है कि क्षेत्र की 25 ग्राम पंचायतों के लिए पंपिंग योजना स्वीकृत की गई है। इसके तहत 2458.85 लाख का आंगणन शासन स्तर पर लंबित है। धनराशि स्वीकृत नहीं होने के कारण योजना का निर्माण नहीं हो रहा है।

मटेला के जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह करायत, जनौटी पालड़ी की ग्राम प्रधान भागुली देवी, चौगांवछीना की क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल टम्टा, जनौटीपालड़ी की क्षेत्र पंचायत सदस्य गीता देवी, पालड़ीछीना के प्रधान जुगल किशोर आदि ने प्रशासन को ज्ञापन भेजकर पंपिंग पेयजल योजना के निर्माण के लिए जल्द ही धनराशि स्वीकृत करने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें