बागेश्वर में रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
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बागेश्वर। रेल निर्माण संघर्ष समिति ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि उनकी घोषणा के अनुसार बागेश्वर में रेल कब आएगी। संघर्ष समिति ने रेल लाइन के निर्माण तक संघर्ष जारी रखने का एलान किया है।
रविवार को संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में तहसील परिसर में एकत्र लोगों ने रेल लाइन निर्माण की मांग के लिए नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद हुई सभा में संघर्ष समिति की अध्यक्ष दफौटी ने कहा कि विधानसभा चुनाव की रैली के दौरान हल्द्वानी में प्रधानमंत्री मोदी ने रेल लाइन निर्माण की घोषणा की थी। लोगों को उम्मीद थी कि देश के प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद जल्द ही रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन आज तक रेल लाइन निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि रेल लाइन के निर्माण से जिले का विकास होगा।
पूर्व कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 156 किमी लंबी रेल लाइन के सर्वे के लिए 28 करोड़ रुपये जारी किए। नवंबर तक सर्वे का काम पूरा होना था लेकिन सर्वे कर रही एजेंसी तीन प्रतिशत भी सर्वे का काम पूरा नहीं कर पाई है। कब रेल लाइन का निर्माण होगा, कब रेल चलेगी। केंद्र सरकार और जनप्रतिनिधियों को इसका जवाब देना चाहिए।
प्रदर्शन में डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया, पार्वती पांडेय, सरस्वती गैलाकोटी, बंशीधर जोशी, प्रताप सिंह मेहता, भावना रावत, हेमलता, अंजलि खेतवाल, सचिन कुमार, सौरभ कुमार आदि थे।