बागेश्वर। काफलीगैर तहसील क्षेत्र के सभी सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। क्षेत्रवासी लोनिवि विश्राम गृह के समीप धरने पर बैठे। आंदोलनकारियों को मनाने के लिए बागेश्वर से एसडीएम भी मौके पर पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
दो अगस्त को क्षेत्रवासियों ने सीईओ को ज्ञापन देकर क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी और एक महीने के भीतर व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की थी। आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने सोमवार से आंदोलन शुरू कर दिया है।
लोगों का कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। कई स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की अनुमति मिलने के बावजूद अभी तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो सका है। जब तक प्रशासन मांगों का लिखित आश्वासन नहीं देगा आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, एसडीएम हरगिरि ने कहा कि उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया। क्षेत्रवासियों ने डीएम से मिलकर मामला उनके सामने रखने की बात कही है। वहां पर जिपं. सदस्य नरेंद्र लाल, क्षेपं. सदस्य कमल किशोर, ग्राम प्रधान महेंद्र प्रसाद, नंदन सिंह गैड़ा, बहादुर सिंह कार्की, महेश प्रसाद, अर्जुन लाल, नंदन सिंह करायत, नवीन चंद्र जोशी, दर्वान सिंह रौतेला, व्यापार मंडल अध्यक्ष पूरन सिंह आदि थे।
लीती के लोगों ने सीईओ कार्यालय में किया प्रदर्शन
राइंका लीती में प्रधानाचार्य और शिक्षकों के रिक्त पद भरने की मांग
बागेश्वर। कपकोट के दूरस्थ गांव लीती के राजकीय इंटर कॉलेज में मात्र दो ही स्थायी शिक्षक हैं। प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। आक्रोशित अभिभावकों ने सीईओ कार्यालय में प्रदर्शन कर शिक्षकों के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।
राइंका लीती की छात्र संख्या 174 है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य का कुछ महीने पहले तबादला हो गया था, जिसके बाद से पद रिक्त चल रहा है। गणित, सामाजिक विज्ञान के सहायक अध्यापक और अर्थशास्त्र के प्रवक्ता का भी स्थानांतरण होने के बाद विद्यालय में अब केवल दो ही स्थायी शिक्षक तैनात हैं। प्रवक्ताओं के सभी पद रिक्त चल रह हैं।
अतिथि शिक्षकों के भरोसे कुछ विषयों की पढ़ाई हो रही है। विद्यालय में लगे कंप्यूटर सेट भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बेहतर छात्र संख्या होने के बावजूद क्षेत्र के विद्यालय की उपेक्षा की जा रही है। जल्द शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहां पर ग्राम प्रधान चामो सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश, हीरा सिंह कोरंगा, चंदन सिंह, राधा देवी, हेमा देवी, प्रवीण सिंह आदि थे।
काफलीगैर में धरने के दौरान मांगों को लेकर नारेबाजी करते लोग। संवाद - फोटो : BAGESHWAR