राजकीय शिक्षक संघ की पहली बैठक में कई प्रस्ताव पारित, शिक्षक हित और शैक्षिक उन्नयन को संगठन के लक्ष्य में शामिल करने का निर्णय
बागेश्वर। राजकीय शिक्षक संघ की नव नियुक्त जिला कार्यकारिणी की पहली बैठक कपकोट में हुई। इसमें शिक्षक के हित और शैक्षिक उन्नयन को संगठन के लक्ष्य में शामिल करने का निर्णय लिया गया। आठ किमी के दायरे से बाहर परीक्षा ड्यूटी का बहिष्कार करने समेत कई प्रस्ताव पारित किए गए।
नगर के एक होटल में आयोजित बैठक में तीनों विकासखंडों के पदाधिकारियों ने भागीदारी की। शुभारंभ करते हुए कपकोट इकाई के संरक्षक मंगल बिष्ट ने संगठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, संघर्ष और वर्तमान परिदृश्य पर विचार रखे। मुख्य वक्ता के तौर पर महिमन ऐठानी, हरेंद्र रावल, मुकेश नगरकोटी, कौस्तुभानंद, गंगा पांडेय ने संगठन की चुनौतियों और शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
बैठक में कोविड काल में ग्राम निगरानी समिति से जुड़े शिक्षकों की ईएल मान्यता, लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण आदेशों को जल्द पूरा करने, स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और कैपिंग व्यवस्था के विरोध, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रांतीय समन्वय आदि प्रस्ताव भी पारित हुए। जिलाध्यक्ष गोपाल दत्त पंत ने कहा कि संंगठन सदैव शिक्षकों के शोषण के खिलाफ संघर्षशील रहेगा। बैठक का संचालन जिला मंत्री देवेंद्र मेहता और ब्लाॅक मंत्री गुड़मोहन ने किया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष हरीश चंद्र भट्ट, वरिष्ठ सदस्य मोहन चंद्र साह, गोविंद सिंह कोरंगा, जिला मीडिया प्रभारी मिलिंद बिष्ट आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा
अल्मोड़ा। नगर के डायट स्थित शिक्षक भवन में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला व ब्लॉक पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। शिक्षकों ने चयन वेतनमान, अंतरमंडलीय और अंतरजनपदीय स्थानांतरण के पूरे सेवाकाल में एक बार अवसर दिए जाने, स्विफ्ट चैट उपस्थिति, कोटीकरण पर सकारात्मक रुख अपनाने आदि की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो वे ब्लॉक एवं जिला कार्यकारिणी के संयुक्त नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। यहां जिलाध्यक्ष किशोर जोशी, जिला मंत्री जगदीश भंडारी, जीवन मेहरा, अनिल कांडपाल, राजेंद्र घुघुतियाल, शांति जुयाल आदि मौजूद रहीं। संवाद