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कई पद खाली पड़े, मंत्री जी नहीं उतरे खरे

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डिग्री कॉलेज बागेश्वर में विद्यार्थियों के आईकार्ड जांचते प्राध्यापक। इस दौरान नोकझोंक भी हुई? - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। उच्चशिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एक अगस्त तक डिग्री कॉलेजों में सभी खाली पद भरने का आश्वासन दिया था लेकिन पद अभी तक नहीं भरे गए। इसके विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेशव्यापी तालाबंदी का ऐलान किया था। इसकी तहत बागेश्वर और रानीखेत में संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने प्राचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया और उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा गया।
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एनएसयूआई के तालाबंदी के एलान के चलते मंगलवार सुबह से ही पूरा कॉलेज परिसर छावनी में बदल दिए गए। इसलिए एनएसयूआई कार्यकर्ता तालाबंदी नहीं कर सके। यह प्रयास विफल होने पर छात्रनेताओं ने कॉलेज के बाहर मंत्री का पुतला फूंका। प्राचार्य डॉ. मनोज उप्रेती के निर्देशन में डॉ. एसएस धपोला, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. रंजना शाह, कोतवाल टीआर वर्मा ने गेट पर खड़े होकर छात्र-छात्राओं की आईडी चेक की।
इसके बाद ही विद्यार्थी कॉलेज में गए। इस दौरान आईकार्ड न होने पर कई छात्र-छात्राओं की कुछ प्राध्यापकों से नोकझोंक भी हुई। इस कारण उन्होंने भी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी कर विरोध जताया। वहां एनएसयूआई जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार, जिला सचिव सूरज जोशी, छात्रसंघ महासंघ के कोषाध्यक्ष गणेश कुमार, पूर्व उपाध्यक्ष गोविंद चंदोला, रवि कोश्यारी, देवेंद्र मेहरा, देवेंद्र बघरी, चंद्रप्रकाश आदि थे।
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अल्मोड़ा : पुलिस की सख्ती से तालाबंदी और प्रदर्शन फेल
अल्मोड़ा। पुस्तकों और शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग को लेकर एनएसयूआई से जुड़े छात्रों द्वारा प्रस्तावित तालाबंदी पुलिस की सख्ती से सफल नहीं हो सका। आंदोलन की जानकारी मिलने पर कोतवाल अरुण कुमार वर्मा के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स के तैनात रहने से छात्रों का प्रदर्शन नहीं हो सका। गुस्साए छात्रों ने परिसर और पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। वहां एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष पवन मेहरा, जिला उपाध्यक्ष संजीव कम्र्याल, संदीप तड़ागी, सुनील कठायत, अक्षय कुमार टम्टा, अशीष पंत, पुनीत आर्या, सुनील ग्वाल, विपुल कार्की, संजू कठायत आदि थे। ब्यूरो
कपकोट : एबीवीपी और एनएसयूआई में नोकझोंक
कपकोट (बागेश्वर)। एनएसयूआई के सदस्य छात्र-छात्राओं ने खाली पद भरने के लिए मंगलवार को चंद्र सिंह शाही राजकीय महाविद्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओें के बीच नोकझोंक हो गई। सूचना पर तहसीलदार विनोद वर्मा मौके पर पहुंचे। प्राचार्य डॉ. एके जोशी दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। एनएसयूआई ने मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाया जबकि एबीवीपी कार्यकर्ता भुवन गढ़िया भानु ने बताया कि कुछ छात्र अपनी राजनीतिक कर कॉलेज में व्यवधान डाल रहे हैं। तालाबंदी न कर पाने पर एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष राहुल, छात्रनेता कमलेश गढ़िया, प्रकाश जोशी, उर्मिला बिष्ट आदि ने राज्यमंत्री का पुतला भी फूंका। ब्यूरो
रानीखेत : पुलिस की मौजूदगी में सांकेतिक तालाबंदी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रदेश व्यापी आह्वान के तहत एनएसयूआई जिला इकाई ने मंगलवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विरोध प्रदर्शन किया गया। पदाधिकारियों का कहना था कि प्राध्यापकों की कमी के चलते उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है, लेकिन प्रदेश सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रही। एनएसयूआई ने उनके इस्तीफे की मांग उठाई। कहा कि शीघ्र प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। कोतवाल नारायण सिंह के नेतृत्व में वहां मौजूद पुलिस बल के कारण तालाबंदी का कार्यक्रम सफल नहीं हो पाया। कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक तालाबंदी के बाद प्राचार्य डॉ. पीके पाठक के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। वहां एनएसयूआई के जिला महासचिव निखिलेश बिष्ट, छात्र संघ सचिव ललित आर्या, कुलदीप मेहरा, अनुराग कोहली, दीपक नौटियाल, सुधांशु भट्ट, मनोज कोरंगा, भुवन बिष्ट, कैलाश बिष्ट, कमल गिरी, योगेश बिष्ट आदि थे।
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