बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल ने भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव वन विभाग के साथ मिलकर बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे कम से कम आपत्तियां लगेंगी। जिनका समाधान जल्द किया जा सकेगा। लोनिवि के ईई के बैठक में नहीं आने पर डीएम नाराजगी जताई और स्पष्टीकरण मांगा।
मंगलवार को जिला सभागार में वन भूमि हस्तांतरण संबंधी बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने कहा कि विकास कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव राजस्व, वन और प्रस्तावक विभाग संयुक्त निरीक्षण कर बनाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से निरीक्षण रिपोर्ट जल्द देने के लिए कहा। बताया कि नोडल, वन संरक्षक स्तर से जिन वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्तावों में आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, उनका निस्तारण कर फिर से प्रस्ताव भेजें। सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने पर औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। क्षतिपूरक भूमि के लिए एसडीएम को प्रस्ताव भेजने और एसडीएम से मिलकर क्षतिपूरक भूमि चयनित करने के लिए कहा।
डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि जिले में 46 वन भूमि प्रस्ताव बनाए जाने हैं। 30 प्रस्ताव विभागीय स्तर पर लंबित हैं। नोडल स्तर पर नौ, वन संरक्षक स्तर पर पांच, प्रभागीय वनाधिकारी स्तर और राज्य स्तर पर एक-एक प्रस्ताव लंबित है। कई विभागों के 70 वन भूमि हस्तांतरण प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। क्षतिपूरक धनराशि जमा होनी है। धनराशि जमा होने पर स्वीकृति मिलेगी। बैठक में कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।