जिलाधिकारी रंजना ने जिले के बिचला दानपुर घाटी के दूरस्थ गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांवों में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने सड़कों का निरीक्षण करते हुए लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अभियंताओं को वर्षाकाल में सड़कों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्यान्न गोदामों और सस्ता गल्ला की दुकानों का निरीक्षण भी किया।
जिलाधिकारी रंजना ने गोगिना में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने बिजली के पोलों के टेड़ा होने और दशकों पुरानी पेयजल योजना के जीर्ण-शीर्ण होने की शिकायत डीएम से की। शिक्षक नहीं होने से पठन-पाठन प्रभावित होने का मामला भी क्षेत्र पंचायत सदस्य जसपाल सिंह ने उठाया। डीएम ने सामा में चल रहे रिंगाल के उत्पाद बनाने के प्रशिक्षण कार्यशाला का निरीक्षण भी किया। लीती में ग्रामीण राधा देवी ने एडीबी की सड़क के बंद कलमठ के कारण घर में बरसाती पानी घुसने से पैदा हो रहे खतरे की जानकारी दी।
इस पर डीएम ने कपकोट के एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। डीएम ने विधवा, वृद्घावस्था पेंशन आदि की जानकारी ली। उन्होंने समूह गठित कर बंजर भूमि में सब्जी उत्पादन करने और चाय के बागान, मत्स्य पालन करने का सुझाव दिया। लीती के प्रधान प्रकाश राम ने शामा पंपिंग योजना के जनरेटर के खराब होने की शिकायत की। इसके चलते पानी नहीं आ रहा है। डीएम ने पंपिंग योजना और जनरेटर का प्रस्ताव जिला योजना में रखने को कहा।
उन्होंने खाद्यान्न गोदामों का निरीक्षण भी किया। भ्रमण के दौरान सीडीओ एसएसएस पांगती, मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्या, डीएसओ जेएस कंडारी, एसडीएम रवींद्र बिष्ट, तहसीलदार पूरन सिंह, ईई केके तिलारा, बीएस चुफाल आदि मौजूद थे।