जिला बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले की सीमा में बसी भैंसूड़ी ग्राम पंचायत समस्याओं के मकड़जाल में फंसी हुई है। हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई के लिए बच्चों को12 किमी दूर कमेड़ी देवी, सरकारी अन्न के लिए चार किमी दूर टकनार जाना पड़ता है। इसी तरह ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा के लिए आठ किमी दूर कमेड़ी और खातीगांव का सफर तय करना पड़ता है।
ग्रामीण बताते हैं उन्होंने गांव में आज तक जिले के किसी बड़े अधिकारी और एमपी को नहीं देखा है। यहां से बागेश्वर ब्लाक की दूरी 110 किमी है। लोगों को कहना है कि कांडा में ब्लाक की स्थापना हुए बगैर गांव का विकास संभव ही नहीं है।
विकास खंड बागेश्वर के इस अंतिम गांव भैंसूड़ी की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 410 है। गांव की भौगोलिक स्थिति अत्यंत जटिल है। चारों ओर घने जंगल के बीच बसे गांव के पैदल रास्ते अत्यंत कष्टकारक हैं। विकास के नाम पर यहां कुछ नहीं हुआ है। बुनियादी सुविधाओं की कमी से पलायन बढ़ते जा रहा है।