राजकीय इंटर कॉलेज हड़बाड़ में प्रभारी प्रधानाचार्य के निर्देशों की लगातार अनदेखी और मनमानी से तंग आकर प्रभारी प्रधानाचार्य जोगाराम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रभार त्यागने से पहले उन्होंने उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा कि विद्यालय में कार्यरत दो शिक्षक उनके आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं जिससे शिक्षण और प्रशासनिक कार्य ठप हो रहे हैं।
पत्र मिलते ही सीईओ के निर्देश पर बीईओ आशाराम विद्यालय पहुंचे। जांच के दौरान बीईओ ने जब विद्यालय के अन्य शिक्षकों से प्रधानाचार्य का प्रभार संभालने को कहा तो वहां की अंदरूनी गुटबाजी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया खुलकर सामने आ गया। विद्यालय में तैनात पांच प्रवक्ता, सात सहायक अध्यापक और दो गेस्ट टीचरों में से एक भी शिक्षक प्रभार की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। 14 शिक्षकों के साफ इनकार के बाद अंततः प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए विद्यालय के वरिष्ठ सहायक को प्रधानाचार्य का प्रभार सौंपना पड़ा जबकि वित्तीय प्रभार खुद बीईओ संभाल रहे हैं।
सरकारी दावों की उधड़ती सिलाई
सख्त कार्रवाई से बच रहा शिक्षा विभाग
जीआईसी हड़बाड़ का यह कोई पहला मामला नहीं है। अकेले जुलाई महीने में ही जिले के शिक्षा विभाग की लापरवाही और कर्मचारियों की मनमानी के दो और गंभीर मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन विभाग के ढुलमुल नीति के कारण कठोर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कपकोट में अशासकीय विद्यालय का एक क्लर्क बीते चार महीनों से बीईओ कार्यालय में अवैध रूप से अटैच चल रहा है। चार जुलाई को मामला उजागर होने के बावजूद विभाग अब तक उस पर किसी तरह की कार्रवाई करने से बच रहा है। जीआईसी भटखोला में अंदरूनी कलह और प्रशासनिक शिथिलता इस कदर बढ़ गई थी कि 18 जुलाई को विद्यालय के वरिष्ठ सहायक ने प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी। बार-बार हो रही इन घटनाओं से स्पष्ट है कि जिले में शिक्षा विभाग का प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है और सख्त कदम न उठाए जाने से अराजकता बढ़ती जा रही है।
मामला संज्ञान में आते ही बीईओ को मौके पर जाकर विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए थे। फिलहाल जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। बीईओ की अंतिम जांच रिपोर्ट मिलते ही पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विनय कुमार, सीईओ बागेश्वर