बागेश्वर जिले में शनिवार सुबह रोजाना की तरह सामान्य थी। भटखोला राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा अपने घर सैंज से सुबह का नाश्ता कर मुस्कुराते हुए स्कूल के लिए निकले थे लेकिन घर से कुछ ही दूरी पर घात लगाए आरोपी ने चाकू से हमला कर सबकुछ उजाड़ दिया।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की पत्नी अनीता देवी खुद राजकीय जूनियर हाईस्कूल अमसरकोट में शिक्षिका हैं। उनकी बेटी प्रशस्ति ने बीते वर्ष ही इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है जबकि बेटा प्रज्जवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। हंसते-खेलते परिवार पर टूटे दुखों के इस पहाड़ से पूरी घाटी में मातम पसरा है। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया।
फरवरी का रुका है वेतनभटखोला राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की सरेराह चाकू मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। पुलिस और विभागीय जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे गहरी विभागीय रंजिश और खुन्नस थी। आरोपी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नवल किशोर सोराड़ी का फरवरी माह से वेतन रुका हुआ था जिससे वह प्रभारी प्रधानाचार्य से रंजिश पाले हुए था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं शिक्षा विभाग ने उसके निलंबन की संस्तुति भेज दी है।
बीईओ दफ्तर में बदसलूकी के बाद रुका था आरोपी का वेतन
खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आशाराम ने बताया कि आरोपी नवल किशोर सोराड़ी का दो साल पहले जीआईसी बदियाकोट से पदोन्नति पाकर भटखोला तबादला हुआ था। इसी वर्ष फरवरी में आरोपी ने बीईओ कार्यालय में एक अन्य प्रशासनिक अधिकारी के साथ सरेआम बदसलूकी की थी।
इस घोर अनुशासनहीनता को देखते हुए बीईओ दफ्तर ने प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा को आरोपी का वेतन रोकने के आदेश दिए थे। वेतन रुकने से नाराज आरोपी ने घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को स्कूल पहुंचे बीईओ से भी बात की थी। बीईओ ने उसे प्रत्यावेदन (आवेदन) लेकर कार्यालय आने की सलाह दी थी लेकिन आरोपी ने शुक्रवार शाम करीब चार बजे बीईओ को फोन कर कार्यालय में आकर पीटने की धमकी भी दी थी।
आरोपी गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने भेजी निलंबन की संस्तुति
अधिकारियों के न पहुंचने और स्कूल बंद न करने पर फूटा गुस्सा
जिला अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जिले में दिनदहाड़े एक प्रभारी प्रधानाचार्य की नृशंस हत्या जैसी वारदात होने के बावजूद न तो डीएम और न ही एसपी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस बात पर भी तीखा रोष जताया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी शोक या सुरक्षा के मद्देनजर जिले के स्कूलों में तत्काल बंदी घोषित नहीं की गई।
इमरजेंसी कक्ष में बैठ गए प्रशासनिक अधिकारी, मरीज रहे बेहाल