स्नान घाटों रंगरोगन करते मजदूर।
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13 से 20 जनवरी तक लगने वाले उत्तरायणी मेले की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। संगम पर स्नान घाटों और तटबंधों में रंगाई पुताई का काम तेजी से चल रहा है। सरयू और गोमती पर मेलार्थियों के आने-जाने की सुविधा के लिए लकड़ी के अस्थायी पैदल पुलों का निर्माण तेजी से चल रहा है। नगर पालिका ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले व्यापारियों के लिए जगह निर्धारण का काम शुरू कर दिया है।
पालिका ने इस बार मेले की अवधि में दो दिन की बढ़ोतरी की है। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे। मेले के आयोजन के लिए इन दिनों प्रशासन की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरयू और गोमती के संगम पर श्रद्धालुओं के स्नान की सुविधा के लिए बने घाटों में रंग रोगन किया जा रहा है।
लोनिवि की ओर से पैरापिटों, एनएच पुलों और सिंचाई तटबंधों पर रंगरोगन के काम में जुटा हुआ है। पालिका ने सरयू के ऊपर पैदल पुल तैयार कर लिया है, जबकि गोमती के ऊपर पुल बनाने का काम चल रहा है। मेले के लिए बाहरी क्षेत्रों से आने वाले 250 व्यापारियों ने पालिका से जगह उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया है।
पालिका ने जगह निर्धारण का काम शुरू कर दिया है। पिछले दिनों डीएम ने मेेला स्थल का निरीक्षण कर नगर पालिका को मेले के प्रस्तावित सभी कार्यों को समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए थे। उधर, सांस्कृतिक दल भी अपनी रिहर्सल में जुटे हुए हैं।