अल्मोड़ा। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन उत्तराखंड कुमाऊं मंडल नैनीताल के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार ने फारगो नियमावली विसंगति निराकरण करने की मांग की।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि वर्तमान में पदोन्नति सूची जारी होने पर पदोन्नति में नहीं जाने पर फिर पदोन्नति अवरूद्ध की जा रही है। इससे पदोन्नति स्थायी रूप से बाधित हो रही है जबकि पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य कारणों से भी कार्मिक नहीं जा पाते। इससे सदस्यों में रोष व्याप्त है। सरकार और शासन को नई व्यवस्था देनी चाहिए जिससे पदोन्नति में नहीं जाने पर उन सदस्यों की जगह 15 दिन बाद दूसरी पदोन्नति सूची वरिष्ठता अनुसार जारी करनी चाहिए जिससे सदस्यों को उसी वर्ष में पदोन्नति का मौका मिले और एक भर्ती वर्ष तक पदोन्नति का इंतजार न करना पड़े। जो सदस्य पदोन्नति पर पारिवारिक कारणों से नहीं जा सकते उन्हें पूर्व व्यवस्था के तहत एक भर्ती वर्ष बाद पदोन्नति का मौका दिया जाना चाहिए।
स्थायी रूप से पदोन्नति को बाधित किया जाना प्राकृतिक न्याय और मानवाधिकार का भी उल्लंघन है। सरकार को फारगो नियमावली विसंगति निराकरण कर शासनादेश जारी करना चाहिए। ऐसे नीतिगत मामलों में कठोर निर्णय के बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों के परिप्रेक्ष्य में निर्णय लिया जाना चाहिए। लोकतंत्र में पदोन्नति जैसे अधिकारों का हनन करना अलोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।