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बागेश्वर में श्रमिकों का शक्ति प्रदर्शन

Tue, 28 Jun 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
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बागेश्वर में श्रमिकों का शक्ति प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। मजदूरों, श्रमिकों और किसानों की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनमें रोष है। सोमवार को बड़ी संख्या में उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई के बैनर तले ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला। बाद में तहसील मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन एसडीएम रेखा कोहली को सौंपा। 
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सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मजदूरों, श्रमिकों और किसान ढोल नगाड़ों के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के बाद हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा में श्रम दिवस साल में सिर्फ 100 दिन, जबकि मजदूरी 174 रुपये ही देय है। इससे मजदूरों का भरण पोषण कतई संभव नहीं है। मांग की कि श्रम दिवस 300 दिन, जबकि मजदूरी 500 दिन की जाए।

इसके इलावा पर्वतीय क्षेत्र की कृषि को मनरेगा से जोड़े जाने की भी मांग की। सूखे और जंगली जानवरों से पिछले कई सालों से खेती को जबर्दस्त नुकसान हो रहा है और मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। श्रम विभाग ने अभी तक मजदूरों को प्रमाण पत्र भी नहीं दिए हैं, जबकि दो माह पहले उन्होंने आवेदन पत्र जमा कर दिए थे। सरकारी मदों, सांसद और विधायक निधि के तहत होने वाले कामों में कमीशनखोरी जोरों पर है।
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गांवों में अवैध शराब की बिक्री जोरों पर है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, भोजन माताओं, आशा कार्यकत्रियों और ग्राम प्रहरियों को कम से कम 15 हजार रुपये का वेतन देने, ईपीएफ पेंशन योजना और सामूहिक बीमा के दायरे में लाने की मांग पर सरकारें चुप बैठी हैं। चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और भी तेज कर दिया जाएगा।

जुलूस और सभा में प्रदेश अध्यक्ष पूरन बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष शेखरानंद पांडे, जिला प्रभारी गणेश सिंह बोरा, जिला मंत्री धीरज जोशी, कुंवर सिंह, गीता देवी, उमेद सिंह नेगी, हेमा, लीला, हरीश सिंह, शेर सिंह, पूरन जोशी, श्री राम, सुरेश जोशी, दीन राम, नंदन राम, मोहनी, गाली, हंसी और देवकी देवी आदि थे।
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