पलायन गांव में सिंचाई नहर की मरम्मत करते ग्रामीण। संवाद
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बागेश्वर। शासन-प्रशासन की अनदेखी से परेशानी हो चुके पलायन के ग्रामीणों ने मेहनत के दम पर सूखी नहर में पानी चलाकर आईना दिखाने का काम किया है। ग्रामीणों को चार दिन तक अथक मेहनत करनी पड़ी।
पलायन गांव की तीन किमी लंबी नबगढ़ नहर से दोफाड़ गांव के मेहलखेत से कुमद के नाघर तक तीन हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई की जाती है। नहर में पानी नहीं चलने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा था। ग्रामीणों ने लघु डाल खंड से नहर की मरम्मत करने की मांग की। ग्रामीण दीवान सिंह, उमेद सिंह ने बताया कि विभाग ने पिछले साल नहर की मरम्मत भी की लेकिन नहर में पानी नहीं चला। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक को भी समस्या बताई। इसके बावजूद किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला। इससे नाराज ग्रामीणों ने खुद ही नहर की मरम्मत करने की ठानी।
ग्रामीण कुंदन सिंह, हिमांशु कालाकोटी, प्रेम सिंह, जगदीश सिंह, विनोद सिंह, त्रिलोक सिंह, गोकुल सिंह ने फावड़ा, बेल्चा और अन्य औजार उठाए और नहर की मरम्मत शुरू कर दी। चार दिन तक लगातार काम करते हुए शुक्रवार को ग्रामीणों ने नहर में पानी चला दिया। पुंगरघाटी विकास मंच के हरीश कालाकोटी और अन्य सदस्यों ने ग्रामीणों की सराहना की है।