बागेश्वर। जून में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ गई हैं। पूरे फायर सीजन में वनाग्नि की 33 घटनाएं हुईं हैं। केवल जून के पहले पखवाड़े में ही 14 बार जंगल जल चुके हैं। आग से 47.40 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो चुका है और 1,43,400 रुपये का नुकसान हुआ है।
इस वर्ष बारिश होने ने मार्च से लेकर मई तक वन विभाग को काफी राहत दी थी। जून में मौसम सामान्य होने के बाद जंगल जलने लगे हैं। जंगलों की आग से वन संपदा जलकर नष्ट हो रही है। वन्य जीव-जंतुओं के जीवन पर भी संकट पैदा हो गया है। वातावरण में धुआं फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांस और आंख के मरीज अधिक परेशान हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार तक जिले के बागेश्वर और धमरघर रेंज के जंगलों में आग लगी। जिला मुख्यालय क्षेत्र के कुकुड़ामाई के जंगलों में दो दिन से आग लगी है। वन विभाग की टीम आग बुझाने का प्रयास कर रही है। धरमघर रेंज के हुड़म, गुरना और चौकोड़ी, बेरीनाग से सटे इलाकों में हुई वनाग्नि की घटनाओं में करीब 11 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया है।
रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है। धरमघर क्षेत्र में आग को काबू कर लिया गया है। विभाग की टीम आग लगाने वालों पर नजर रख रही है।