बागेश्वर में पत्रकारों से वार्ता करते प्रदीप टम्टा। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा का कहना है कि प्रदेश सरकार भय के कारण भर्ती घोटालों की जांच सीबीआई से नहीं करा रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों की जांच सीबीआई से होने से ही प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र को ध्वस्त होने से बचाया जा सकता है। भर्ती घोटालों की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायमूर्ति की देखरेख में होनी चाहिए।
टम्टा ने रविवार को पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी के आवास पर पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार ने भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे बेरोजगारों पर लाठियां चलाईं। बेरोजगारों को जेल में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार से तत्काल बेरोजगारों को जेल से रिहा करने और उन लगाए गए केस को वापस लेने की मांग कर रही है।
उन्होंने केंद्रीय बजट पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट से उत्तराखंड को बड़ी उम्मीद थी लेकिन बजट ने निराश किया है। टनकपुर.बागेश्वर रेल मार्ग जल्द बनने की उम्मीद थी लेकिन सरकार ने इस मामले में भी निराश किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कुमाऊं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि गढ़वाल में तेजी से कार्य हो रहे हैं। कुमाऊं की उपेक्षा की जा रही है। इससे कुमाऊं का पर्यटन उद्योग डूब चुका है। कहा कि अडानी को दिया गया कर्ज एनपीएस का ही पैसा है जो लगभग डूब चुका है। कांग्रेस की सरकार बनी तो पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी। सेना देश का गौरव है। कांग्रेस अग्निवीर योजना को समाप्त करेगी। वार्ता में हरीश ऐठानीए पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण मौजूद थे।