बागेश्वर। बिहार के नक्सल प्रभावित इलाके में मिला बागेश्वर का युवक अपने पिता के साथ घर लौट आया है। डेढ़ साल पहले से लापता यह युवक भटककर बिहार के बांका जिले में पहुंच गया था। युवक की मानसिक स्थिति ठीक न होने से वह कैसे बिहार पहुंचा, इस बारे में स्पष्ट नहीं बता पा रहा है। युवक के पिता ने खोए हुए बेटे की वापसी के लिए पुलिस का आभार जताया है।
बिहार के बांका जिला पुलिस ने चार दिन पहले बागेश्वर पुलिस को चिड़ंग गांव निवासी हरीश चौहान के संदिग्ध अवस्था में पकड़ने की सूचना दी। युवक के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पकड़े जाने की सूचना से स्थानीय पुलिस में खलबली मच गई थी। बागेश्वर के एसपी सुखवीर सिंह के निर्देश पर एसओजी में तैनात कांस्टेबल मनोज बेनीवाल ने हरीश के परिजनों से पूछताछ कर बिहार पुलिस से संपर्क किया।
इसके लिए नेशनल पुलिस वाट्स एप ग्रुप से युवक के डेढ़ साल से लापता होने के बारे में बताया गया। बिहार पुलिस को युवक का स्थानीय स्तर पर रिकॉर्ड सही होने और मानसिक रूप से परेशान रहने की जानकारी भी दी गई। रिपोर्ट से संतुष्ट होने के बाद बिहार पुलिस ने युवक को उसके पिता गोपाल सिंह को सौंप दिया। गोपाल सिंह बिहार से हरीश को लेेकर रविवार शाम बागेश्वर पहुंचे।
बागेश्वर के एसपी सुखवीर सिंह ने बताया कि युवक पहली बार मई 2009 में लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद वह जून में लौट आया था लेकिन मार्च 2015 से वह लापता था। युवक के पिता गोपाल सिंह ने बताया कि हरीश पढ़ाई में तेज था।
हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में स्कूल की टॉपर सूची में शामिल रहा लेकिन आईटीआई करने के दौरान वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। तब से वह कई बार घर में बताए बिना बाहर चला जाता था। उन्होंने बताया कि वह भटककर बिहार कैसे पहुंचा, इस बारे में सही जानकारी नहीं दे पा रहा है।