बागेश्वर। जिले के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार दिलाने के लिए जिला स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक बुुलाई गई। कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि पलायन आयोग के रिपोर्ट के अनुसार जिले के 37 गांवों में सबसे अधिक पलायन हुआ है। उन्होंने इन गांवों में अधिकतम संसाधन जुटाने, ग्रामीणों की आय, रोजगार बढ़ाने के लिए सभी लोगों को सामूहिक पहल करनी होगी। डीएम ने सभी अधिकारियों से अधिकतम युवाओं को स्वरोजगार दिलाने को कहा।
जीएम डीआईसी विमल चौधरी ने बताया कि राज्य में उद्यमिता, रोजगार के अवसरों की उपलब्धता बढ़ाने, विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, जिले के ऋण-जमा अनुपात की समग्र समीक्षा, राज्य के युवाओं, महिलाओं को नये दृष्टिकोण, कौशल के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दिलाने के लिए जिला स्तर पर इस समिति का गठन किया गया है।
इसमें डीएम अध्यक्ष, सीडीओ उपाध्यक्ष और मुख्य कृषि अधिकारी, जिला सेवायोजन, अग्रणी बैंक, जिला उद्यान, जिला ग्रामोद्योग, सहायक निदेशक डेयरी, पर्यटन, समाज कल्याण एवं मुख्य नगर अधिकारी प्रतिनिधि/स्थानीय निकाय के ईओ को सदस्य बनाया गया है। जीएम डीआईसी इसके संयोजक सदस्य हैं।
बैठक में प्रभारी सीडीओ केएन तिवारी, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी केएस कर्म्याल, जिला सेवायोजन अधिकारी शंकर बोरा आदि थे।
नौ लोगों को मिलेगा स्वरोजगार योजना का लोन
बागेश्वर। समाज कल्याण विभाग नौ लोगों को स्वरोजगार के लिए लोन दिलाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी/उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ विकास निगम के जिला प्रबंधक एनएस गस्याल ने बताया कि लोन बांटने का सालाना लक्ष्य मिल गया है। इसके तहत स्वत: रोजगार योजना के सात एवं राष्ट्रीय निगम टर्म लोन योजना का लाभ दो लोगों को मिलेगा।
अल्पसंख्यक वर्ग के इच्छुक/पात्र अभ्यर्थी जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र के लिए 81000 और शहरी क्षेत्र के लिए 103000 हो तो वह विकासखंडों में तैनात सहायक समाज कल्याण अधिकारी को आवेदन पत्र दे सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ अल्पसंख्यक समुदाय का प्रमाण पत्र और सक्षम अधिकारी से प्रदत्त स्थायी निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है। जल संस्थान कार्यालय दुग बाजार के पास स्थित उत्तराखंड बहुउद्देश्यीय वित्त एवं विकास निगम कार्यालय से भी अधिक जानकारी ली जा सकती है। ब्यूरो