बागेश्वर का प्राइमरी स्कूल भवन पोखरी।
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बागेश्वर। कम छात्र संख्या के कारण राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरी को पिछले साल बंद किया जा चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक छात्रसंख्या घटने का कारण भवन का जर्जर होना था। वहां बचे छह छात्र-छात्राओं को डेढ़ किमी दूर स्थित खंतोली गांव के स्कूल में पढ़ाया जा रहा है। क्षेत्र का आंगनबाड़ी केंद्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा चंदोला के घर में चलाया जा रहा है। इस केंद्र में भी बच्चों की संख्या घटकर आठ पर सिमट गई है। पहले यह संख्या 14 थी।
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पूर्व अध्यापक किशन चंद्र चंदोला बताते हैं कि अगर स्कूल का भवन ठीक होता तो बच्चे यहीं पढ़ते। इससे बच्चों, अभिभावकों के समय की बचत होती।
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ग्रामीण लीला देवी ने कहा कि गांव का एकमात्र स्कूल बंद हो चुका है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं बन सका। सरकारी अधिकारी भी कभी कभार ही गांव पहुंच पाते हैं।
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अभिभावक हरीश चंद्र बताते हैं कि बच्चों को दूसरे स्कूल भेजने में अधिक समय लग रहा है। बच्चों को लाने, ले जाने में भी परेशानी हो रही है।
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ग्रामीण रमेश चंद्र यहां के प्राइमरी स्कूल का भवन जर्जर था। शिक्षक भी एकमात्र थे। ग्रामीणों ने शिक्षक बढ़ाने समेत भवन भी बनवाने की मांग की थी लेकिन एक भी मांग पूरी नहीं हुई।
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बागेश्वर ब्लॉक में 17 स्कूलों के भवन बनाए जाने हैं। राशि मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जाएगा। फिलहाल इन स्कूलों के बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पढ़ाया जा रहा है।
- नरेश शर्मा, प्रभारी सीईओ