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हर साल रोपे जाते हैं लाखों पौधे, फिर भी धरा रह जाती है बंजर

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बागेश्वर के बजीना गांव में पौधे रोपते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। हर साल की तरह इस वर्ष भी वन विभाग को पौधरोपण का लक्ष्य मिला है, इस बार लक्ष्य साढ़े तीन लाख पौधे लगाने का है। अभी ये आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाए हैं कि कितने पौधे वास्तव में लग सके हैं। पर पुराने अनुभव और आंकड़े बताते हैं कि पौधों को लगाना आसान है पर बड़ी चुनौती उन्हें बचाना है। वन विभाग की ओर से लगाए गए पौधों में से 60 फीसदी से ज्यादा अकाल मौत के शिकार हो जाते हैं। पौधों को नुकसान की बड़ी वजह घेरबाड़ की कमी है। क्योंकि इसकी वजह से जानवर इन पौधों को नष्ट कर देते हैं।
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आंकड़ों पर विश्वास करें तो अकेले सरकारी महकमों ने हरेला पर्व पर एक लाख 41 हजार 119 पौधे रोपे हैं। हम यह नहीं कर रहे कि आंकड़ों के अनुसार पौधे नहीं रोपे जाते। पर सवाल यह उठता है कि जब हर वर्ष बड़ी संख्या में पौधे रोपे जाते हैं तो हर जगह हरियाली क्यों नजर नहीं आती है। इसकी वजह बड़े पैमाने पर पौधरोपण के बाद उनकी ओर पलट कर नहीं देखना है। पौधों को पेड़ बनाने तक की जिम्मेदारी यदि ले ली जाए तो बंजर भूमि को हराभरा होने में देर नहीं लगेगी। इसके लिए पौधे को गोद देने या फिर किसी और तरीके से पेड़ बनने तक पौधे को बचाने की रणनीति सरकार और महकमों को बनानी ही होगी। अन्यथा लगाए गए पौधे पनपने से पहले ही मुर्झाते रहेंगे। केवल बरसात के भरोसे पौधों को सौंपने से कुछ नहीं हो सकता।
वृक्ष पुरुष की तकनीक को अपनाना होगा
बागेश्वर। बागेश्वर जिले में वृक्ष पुरुष की उपाधि प्राप्त पर्यावरण प्रेमी किशन सिंह मलड़ा वर्ष 1986 से अब तक साढ़े तीन लाख पौधों को पेड़ बना चुके हैं। वह रोपे गए पौधों की सतत निगरानी करते हैं। उनके प्रयासों से जिला मुख्यालय में दो सूखे स्रोत रिचार्ज हो गए हैं। उन्होंने स्वयं की नर्सरी तैयार की है, जिसमें वर्तमान में 50 हजार पौधे हैं।
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राजस्व विभाग ने रोपे सबसे अधिक 65072 पौधे
बागेश्वर। जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी ने अवगत कराया है कि डीएम के निर्देशन में हरेला पर्व 141519 पौधों का रोपण किया गया है। कृृषि विभाग ने 12000, उद्यान विभाग ने 7011, शिक्षा विभाग ने 4380, वन विभाग ने 4675, भेषज ने 4000, बाल विकास विभाग ने 1650, कलक्ट्रेट परिसर में 41, सिंचाई विभाग ने 150, ग्राम्या ने 10000, पंचायती राज विभाग ने 65072, ग्राम्य विकास मनरेगा ने 23200 और गरुड़ गंगा पुर्नजनन अभियान के तहत रिचार्ज जोन में 9340 पौधों का रोपण किया गया। अन्य लोगों, सामाजिक संगठनों के पौधरोपण को देखे तो अन्य लोगों ने भी दो लाख से अधिक पौधे रोपे हैं।
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