बागेश्वर। डीएम रीना जोशी ने कहा है कि पिंडारी ग्लेशियर के ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित होने से पिंडारी का नाम देश ही नहीं दुनिया भर में फैलेगा, इसकी पहचान ग्लोबल होगी। आगे बढ़ेगा। कफनी, सुंदरढूंगा जैसे ग्लेशियर भी दुनिया के सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि अक्तूबर में होने वाली ट्रैकिंग की व्यवस्थाएं ढंग से की जाएं ताकि ट्रैकर, पर्यटक एक अच्छा संदेश लेकर जा सकें।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों और टूर ऑपटरों की बैठक में कहा कि सरकार ने पिंडारी को ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित किया है, जो जिले के लिए खुशी की बात है। अब देशभर के पर्यटक यहां का रुख करेंगे। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। बागेश्वर जिला ट्रैकिंग का मुख्य केंद्र बनेगा।
डीएम ने कहा कि कोई भी ट्रैकर बिना पंजीकरण के ट्रैकिंग पर न जाए। वन विभाग इसका ध्यान रखेगा। वन चौकियों पर ट्रैकरों और उनके सामान को सूचीबद्ध करेगा। इसकी प्रतिदिन की सूचना कंट्रोल रूम को दोनी होगी। उन्होेंने टूर ऑपरेटरों को सख्त हिदायत दी कि सभी ट्रैकर अपना अजैविक-जैविक कूड़ा अनिवार्य रूप से अपने साथ लेकर आएंगे।
गाइड, होम स्टे संचालकों को प्राथमिकता देने की मांग
बागेश्वर। टूर ऑपरेटरों ने ट्रैक रूट दुरुस्त रखने, मेडिकल टीम की मौजूदगी, ऑक्सीजन सिलिंडर, संचार सुविधा के लिए वॉकी-टॉकी उपलब्ध कराने के साथ ही स्थानीय गाइड और होम स्टे संचालकों को प्राथमिकता देने की मांग की।
मादक पदार्थों के सेवन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
बागेश्वर। डीएम ने कहा कि ट्रैकिंग के दौरान मादक पदार्थों पर प्रतिबंध रहेगा। एसपी अमित श्रीवास्तव इसकी निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रैकिंग के दौरान एसडीआरएफ को सेटेलाइट फोन उपलब्ध कराए जाएंगे।
व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी
बागेश्वर। डीएम ने लोनिवि के ईई संजय कुमार पांडेय को ट्रैक रूट दुरुस्त रखने, भूस्खलन वाले स्थानों पर सुरक्षा दीवार लगाने, विभिन्न स्थानों पर बैंच लगाने के साथ ही शौचालयों की मरम्मत कराने और ट्रैक रूट पर साइनबोर्ड लगाने के निर्देश दिए। बेस कैंपों पर शौचालय, पानी, किचन शेड, भोजन, टेंट, मेडिकल के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिपं के एएमए राजेश कुमार को दिए। कहा कि अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी जिपं करेगा।