टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण न होने से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। गुस्साए आंदोलनकारियों ने रविवार को जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। सभा में वक्ताओं ने पंचेश्वर बांध के निर्माण से पहले रेल लाइन का निर्माण की मांग की। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
रविवार सुबह आंदोलनकारी टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अगुवाई में तहसील प्रांगण में जमा हुए। सभा में वक्ताओं ने क्षेत्र के विकास, पर्यटन और रोजगार के लिए रेल लाइन का निर्माण होना महत्वपूर्ण बताया। कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार इस लंबित मांग पर चुप्पी साधे हुए है। उसका ध्यान पंचेश्वर बांध पर ही है।
वक्ताओं ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, जिला मुख्यालय पर बेस अस्पताल बनाने, केंद्र सरकार से हिमालयी राज्यों के सर्वांगीण विकास के लिए हिमालयी मंत्रालय बनाने की मांग की। तय किया गया कि संघर्ष समिति का पुनर्गठन 27 मई की बैठक में किया जाएगा। सभा का संचालन डॉ. प्रताप गढ़िया ने किया।
वहां गिरीश पाठक, प्रवीण दफौटी, हयात सिंह मेहता, हरीश सोनी, केशवानंद जोशी, केवल ड्योड़ी, डुंगर सिंह नगरकोटी, शोभा धपोला, तुलसी मेहता, हेमा जोशी, सरस्वती गैलाकोअी, मुजू धामी, गीता मिश्रा, एमसी जोशी, गीतांजलि, किशन राम, रतन शाही, लक्ष्मी धर्मशक्तू, मीरा रौतेला आदि थे।